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Kullu News: बाढ़ से कुल्लू-मनाली हाईवे की सुरक्षा के लिए बनेंगी काउंटर फोर्ट आरसीसी दीवारें
Thu, 06 Aug 2026 10:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:47 AM IST
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मनाली। वर्ष 2023 और 2025 की बाढ़ में बार-बार क्षतिग्रस्त हुए कुल्लू-मनाली हाईवे को स्थायी सुरक्षा देने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अब प्रभावित स्थलों पर काउंटर फोर्ट आरसीसी दीवारें और रिटेनिंग स्ट्रक्चर बनाएगा।
इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है और कार्य दो निर्माण कंपनियों को आवंटित किया जा चुका है। दोनों कंपनियां प्रभावित स्थलों का विस्तृत सर्वेक्षण कर रही हैं।
सर्वे के दौरान सड़क के स्तर, ब्यास नदी के बहाव, सुरक्षा दीवारों की ऊंचाई और फाउंडेशन की गहराई का तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है।
वर्ष 2023 और 2025 की बाढ़ में भूतनाथ मंदिर से वोल्वो बस स्टैंड, नीलम होटल के समीप, आलू ग्राउंड, क्लाथ, बिंदु ढांक, डोहलू नाला और रायसन सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग को भारी नुकसान पहुंचा था।
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इन सभी संवेदनशील स्थलों पर अब स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। सबसे अधिक संवेदनशील बिंदु ढांक क्षेत्र का नए सिरे से सर्वेक्षण किया जा रहा है। वहां भू-वैज्ञानिक और तकनीकी परिस्थितियों के आधार पर टनल अथवा फ्लाईओवर जैसे विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार सुरक्षा दीवारें 15 से 20 मीटर तक ऊंची बनाई जा सकती हैं। इनकी नींव ब्यास नदी के वर्तमान तल से पांच से छह मीटर नीचे तक रहेगी, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान नदी के पनी से तट का कटाव बढ़ने पर भी दीवारें सुरक्षित रहें और राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान न पहुंचे।
प्रभावित स्थलों के सुरक्षा कार्य का अवार्ड जारी हो चुका है। बरसात समाप्त होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां काउंटर फोर्ट आरसीसी दीवारें बनाई जाएंगी, जबकि अन्य स्थानों पर सामान्य आरसीसी रिटेनिंग दीवारों का निर्माण किया जाएगा। इससे भविष्य में बाढ़ और कटाव से राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। वरुण चारी, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
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इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है और कार्य दो निर्माण कंपनियों को आवंटित किया जा चुका है। दोनों कंपनियां प्रभावित स्थलों का विस्तृत सर्वेक्षण कर रही हैं।
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सर्वे के दौरान सड़क के स्तर, ब्यास नदी के बहाव, सुरक्षा दीवारों की ऊंचाई और फाउंडेशन की गहराई का तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है।
वर्ष 2023 और 2025 की बाढ़ में भूतनाथ मंदिर से वोल्वो बस स्टैंड, नीलम होटल के समीप, आलू ग्राउंड, क्लाथ, बिंदु ढांक, डोहलू नाला और रायसन सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग को भारी नुकसान पहुंचा था।
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इन सभी संवेदनशील स्थलों पर अब स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। सबसे अधिक संवेदनशील बिंदु ढांक क्षेत्र का नए सिरे से सर्वेक्षण किया जा रहा है। वहां भू-वैज्ञानिक और तकनीकी परिस्थितियों के आधार पर टनल अथवा फ्लाईओवर जैसे विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार सुरक्षा दीवारें 15 से 20 मीटर तक ऊंची बनाई जा सकती हैं। इनकी नींव ब्यास नदी के वर्तमान तल से पांच से छह मीटर नीचे तक रहेगी, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान नदी के पनी से तट का कटाव बढ़ने पर भी दीवारें सुरक्षित रहें और राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान न पहुंचे।
प्रभावित स्थलों के सुरक्षा कार्य का अवार्ड जारी हो चुका है। बरसात समाप्त होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां काउंटर फोर्ट आरसीसी दीवारें बनाई जाएंगी, जबकि अन्य स्थानों पर सामान्य आरसीसी रिटेनिंग दीवारों का निर्माण किया जाएगा। इससे भविष्य में बाढ़ और कटाव से राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। वरुण चारी, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई