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Kullu News: लोकनृत्य स्पर्धा में दिखाई जा रही संस्कृति
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कुल्लू में दशहरा उत्सव के दौरान निकली भगवान नरसिंह की जलेब।-संवाद
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान लोकनृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए महिला मंडल, युवक मंडल और सांस्कृतिक दल खासी रुचि ले रहे हैं। प्रतियोगिता में जहां पहले दिन 27 दलों ने भाग लिया तो शनिवार को भी 23 दल अपनी प्रस्तुति देने के लिए पहुंचे। दलों ने अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति का प्रदर्शन किया।
नवज्योति महिला मंडल शलवाड़, जय आदिब्रह्मा स्वयं सहायता समूह धारगण शैंशर, भगवती महिला मंडल बस्तोरी, सरस्वती स्वयं सहायता समूह बाखली, महिला मंडल नलहाच, मां भुंगा माता महिला मंडल पधारणी बंजार, शांति स्वयं सहायता बाखली, मां तोतला महिला मंडल धाडाखड़ी, माता पोजेशन महिला मंडल सोघन, माता मंडासना महिला मंडल कमांद ने प्रस्तुति देकर मन मोह लिया।
इसके अलावा जागृति महिला मंडल नथाण, महिला मंडल भोसा, नारी शक्ति महिला मंडल नीणू, पार्वती महिला मंडल मातला, त्रियुगी महिला मंडल दियार, जीवा नारायण महिला मंडल नथाण दो, माता सरवरी महिला मंडल लोअर नजां, देवता नारायण महिला मंडल बाखली, माता पोजेशन मंगलौर, माता लक्ष्मी महिला मंडल प्रेमनगर, भागासिद्ध महिला मंडल नरोगी, सरस्वती सांस्कृतिक दल संगम बड़ाग्रां, सूत्रधार कला संगम कुल्लू आदि सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी।
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लुप्त होते गीतों को मिल रहा संरक्षण
23 से 26 अक्तूबर तक चलने वाली लोकनृत्य प्रतियोगिता में दो दिनों तक 50 सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी है। इसमें पहले दिन 27 और शनिवार को दूसरे दिन 23 सांस्कृतिक दल शामिल रहे। इन दलों के कलाकार लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र के मंच पर परंपरागत पहनावे में सज धज कर लोक संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से जहां लुप्त होते गीतों को संरक्षण मिल रहा है तो वहीं पुराना पहनावा भी देखने को मिल रहा है। जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया का कहना है कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सांस्कृतिक दलों में उत्साह दिख रहा है। अभी दो दिन और शेष हैं जिसके चलते यह संख्या काफी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
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नवज्योति महिला मंडल शलवाड़, जय आदिब्रह्मा स्वयं सहायता समूह धारगण शैंशर, भगवती महिला मंडल बस्तोरी, सरस्वती स्वयं सहायता समूह बाखली, महिला मंडल नलहाच, मां भुंगा माता महिला मंडल पधारणी बंजार, शांति स्वयं सहायता बाखली, मां तोतला महिला मंडल धाडाखड़ी, माता पोजेशन महिला मंडल सोघन, माता मंडासना महिला मंडल कमांद ने प्रस्तुति देकर मन मोह लिया।
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इसके अलावा जागृति महिला मंडल नथाण, महिला मंडल भोसा, नारी शक्ति महिला मंडल नीणू, पार्वती महिला मंडल मातला, त्रियुगी महिला मंडल दियार, जीवा नारायण महिला मंडल नथाण दो, माता सरवरी महिला मंडल लोअर नजां, देवता नारायण महिला मंडल बाखली, माता पोजेशन मंगलौर, माता लक्ष्मी महिला मंडल प्रेमनगर, भागासिद्ध महिला मंडल नरोगी, सरस्वती सांस्कृतिक दल संगम बड़ाग्रां, सूत्रधार कला संगम कुल्लू आदि सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी।
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लुप्त होते गीतों को मिल रहा संरक्षण
23 से 26 अक्तूबर तक चलने वाली लोकनृत्य प्रतियोगिता में दो दिनों तक 50 सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी है। इसमें पहले दिन 27 और शनिवार को दूसरे दिन 23 सांस्कृतिक दल शामिल रहे। इन दलों के कलाकार लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र के मंच पर परंपरागत पहनावे में सज धज कर लोक संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से जहां लुप्त होते गीतों को संरक्षण मिल रहा है तो वहीं पुराना पहनावा भी देखने को मिल रहा है। जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया का कहना है कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सांस्कृतिक दलों में उत्साह दिख रहा है। अभी दो दिन और शेष हैं जिसके चलते यह संख्या काफी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
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