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Kullu News: बुरूआ शाउण मेले में जुटे देवी-देवता
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मनाली के बुरूआ गांव में शाउनी मेलें में उमडी़ भीड़।-संवाद
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सोलंगनाला। बुरूआ गांव में तीन साल के बाद आयोजित होने वाले पारंपरिक शाउण मेले का आगाज सोमवार को धार्मिक आस्था और देव परंपराओं के साथ हुआ। मेले के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न देवी-देवताओं ने जमदग्नि ऋषि मंदिर के परिसर में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस दौरान माता हडिंबा, मनु ऋषि, शंख नारायण, कंचन नाग और वेद व्यास सहित अन्य देवी-देवताओं के आगमन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। देवताओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पारंपरिक देव संस्कृति के साक्षी बने।
तीन साल के लंबे अंतराल के बाद बुरूआ गांव में आयोजित हो रहा यह मेला ग्रामीणों के लिए विशेष महत्व रखता है। देवी-देवताओं के आगमन से मेले की सुंदरता और धार्मिक महत्ता में चार चांद लग गए। पूरे गांव में उत्साह और उमंग का माहौल बना हुआ है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि शाउण मेला बुरूआ की समृद्ध देव संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पीढ़ियों से श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता रहा है। मेले के दौरान देव परंपराओं के साथ स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों की भी झलक देखने को मिल रही है। संवाद
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इस दौरान माता हडिंबा, मनु ऋषि, शंख नारायण, कंचन नाग और वेद व्यास सहित अन्य देवी-देवताओं के आगमन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। देवताओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पारंपरिक देव संस्कृति के साक्षी बने।
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तीन साल के लंबे अंतराल के बाद बुरूआ गांव में आयोजित हो रहा यह मेला ग्रामीणों के लिए विशेष महत्व रखता है। देवी-देवताओं के आगमन से मेले की सुंदरता और धार्मिक महत्ता में चार चांद लग गए। पूरे गांव में उत्साह और उमंग का माहौल बना हुआ है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि शाउण मेला बुरूआ की समृद्ध देव संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पीढ़ियों से श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता रहा है। मेले के दौरान देव परंपराओं के साथ स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों की भी झलक देखने को मिल रही है। संवाद