Cloudburst in Manali: बुरुआ के शिलिंग नाले में बादल फटा, 100 से अधिक सेब के पेड़ बहे
मनाली की बुरुआ पंचायत के शिलिंग नाले में बादल फटने से सेब उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ है। नाले का रुख बदलने से पानी और मलबा सीधे बगीचों में घुस गया, जिससे 100 से अधिक सेब के पेड़ बह गए और कई बगीचे मलबे में दब गए। प्रभावित बागवानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर शीघ्र राहत और मुआवजा देने की मांग की है।
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कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र की बुरुआ पंचायत के शिलिंग नाले में वीरवार शाम बादल फटने से सेब उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अचानक आए पानी और मलबे के तेज बहाव से नाले ने अपना रास्ता बदल लिया, जिससे पानी सीधे लाछन क्षेत्र के सेब के बगीचों में घुस गया। इस दौरान 100 से अधिक सेब के पेड़ बह गए, जबकि कई बगीचे मलबे में दब गए।
बुरुआ पंचायत के उपप्रधान चमन महंत ने बताया कि भारी बारिश के दौरान शिलिंग नाले के ऊपरी हिस्से में बादल फटने से जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण नाले का रुख बदल गया और पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा बागानों तक पहुंच गया। इससे कई किसानों की वर्षों की मेहनत कुछ ही समय में बर्बाद हो गई।
इस प्राकृतिक आपदा में लक्ष्मण महंत, भोला राम, प्रभु दास, रघुबीर, चमन लाल, प्रीतम चंद, कमला देवी, खूब राम और राम चंद सहित कई बागवान प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और शीघ्र राहत एवं मुआवजा देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित किसानों को जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।