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Kullu News: बारिश फेर रही बागवानों की उम्मीदों पर पानी
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कुल्लू। मौसम के बिगड़े मिजाज ने कुल्लू जिले के बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों निचले क्षेत्रों में नाशपाती के पौधों में फ्लावरिंग का दौर चल रहा है। अब बारिश और बर्फबारी शुरू होने से फ्लावरिंग पर असर पड़ने की आशंका है। फ्लावरिंग के दौरान तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस होना जरूरी है लेकिन बारिश-बर्फबारी के कारण तापमान काफी लुढ़क गया है। जिले के बजौरा, भुंतर, गड़सा, शमशी, मौहल आदि क्षेत्रों में नाशपाती के पौधों में फूल खिल गए थे।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाशपाती के पौधों पर फ्लावरिंग की तैयारी है। अगर खराब मौसम का सिलसिला जारी रहा तो यह बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। हालांकि इस बार सर्दियों में कम बर्फबारी और बारिश हुई है। बागवान भोप सिंह, नानक चंद, देवी सिंह, रामपाल और बबलू ठाकुर ने कहा कि मौसम ने करवट ली है। बारिश, बर्फबारी का मौसम प्लम, नाशपाती के लिए अब नुकसानदायक है। इन दिनों फ्लावरिंग का समय है, ऐसे में मौसम का अनुकूल रहना जरूरी है। अगर आने वाले दिनों में मौसम का रुख ऐसा ही रहा तो नुकसान ज्यादा होगा।
दूसरी ओर सेब के लिए बारिश और बर्फबारी को अनुकूल माना जा रहा है। करीब डेढ़ माह के ड्राई स्पेल के चलते प्लम के पौधों में दो सप्ताह पहले ही फूल खिल गए थे। नाशपाती के पौधों में कुछ इसी तरह की स्थिति थी। लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच सेब पौधों में भी अर्ली फ्लावरिंग की संभावना थी। अब बारिश और बर्फबारी से सेब पौधों में अर्ली फ्लावरिंग की संभावना समाप्त हो गई है।
बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजकुमार का कहना है कि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग की ओर से बागवानों काे समय-समय पर बागवानी संबंधित विभिन्न जानकारियां भी प्रदान की जा रही हैं।
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाशपाती के पौधों पर फ्लावरिंग की तैयारी है। अगर खराब मौसम का सिलसिला जारी रहा तो यह बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। हालांकि इस बार सर्दियों में कम बर्फबारी और बारिश हुई है। बागवान भोप सिंह, नानक चंद, देवी सिंह, रामपाल और बबलू ठाकुर ने कहा कि मौसम ने करवट ली है। बारिश, बर्फबारी का मौसम प्लम, नाशपाती के लिए अब नुकसानदायक है। इन दिनों फ्लावरिंग का समय है, ऐसे में मौसम का अनुकूल रहना जरूरी है। अगर आने वाले दिनों में मौसम का रुख ऐसा ही रहा तो नुकसान ज्यादा होगा।
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दूसरी ओर सेब के लिए बारिश और बर्फबारी को अनुकूल माना जा रहा है। करीब डेढ़ माह के ड्राई स्पेल के चलते प्लम के पौधों में दो सप्ताह पहले ही फूल खिल गए थे। नाशपाती के पौधों में कुछ इसी तरह की स्थिति थी। लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच सेब पौधों में भी अर्ली फ्लावरिंग की संभावना थी। अब बारिश और बर्फबारी से सेब पौधों में अर्ली फ्लावरिंग की संभावना समाप्त हो गई है।
बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजकुमार का कहना है कि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग की ओर से बागवानों काे समय-समय पर बागवानी संबंधित विभिन्न जानकारियां भी प्रदान की जा रही हैं।
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