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Kullu News: महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार रहे सिड्डू के चटकारे
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कुल्लू में ढालपुर में प्रदर्शनी लगाकर कुल्लू के पारंपरिक व्यजंनो को बेचती महिलाए।-संवाद
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कुल्लू। जिले के पारंपरिक लजीज व्यंजन न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं, बल्कि महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों की कमाई का सशक्त जरिया भी बन रहे हैं। महिलाएं इन व्यंजनों के माध्यम से अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं। सिड्डू, कचौरी, कोदरे और मक्की की रोटी, चिलड़ा, फेबड़ा, काउणी और लाल चावल जैसे स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के लोग दीवाने हैं।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को स्टॉल लगाने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी विमला ठाकुर ने बताया कि बदलते दौर के बावजूद कुल्लू के सिड्डू का पारंपरिक स्वाद आज भी बरकरार है, जो लोगों को खूब भा रहा है।
ढालपुर में आयोजित पीपल जातर मेले के प्रदर्शनी मैदान में महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्टॉल दिए गए हैं, जहां सिड्डू सहित अन्य पकवानों का स्वाद लेने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है।
यहां 15 से अधिक स्टॉलों पर महिलाओं का वर्चस्व देखने को मिल रहा है। स्टॉल संचालक शीला नेगी और रजनी ने बताया कि स्थानीय व्यंजन उनके लिए बेहतर आय का माध्यम बन गए हैं और इससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो रही है। उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। संवाद
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जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को स्टॉल लगाने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी विमला ठाकुर ने बताया कि बदलते दौर के बावजूद कुल्लू के सिड्डू का पारंपरिक स्वाद आज भी बरकरार है, जो लोगों को खूब भा रहा है।
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ढालपुर में आयोजित पीपल जातर मेले के प्रदर्शनी मैदान में महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्टॉल दिए गए हैं, जहां सिड्डू सहित अन्य पकवानों का स्वाद लेने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है।
यहां 15 से अधिक स्टॉलों पर महिलाओं का वर्चस्व देखने को मिल रहा है। स्टॉल संचालक शीला नेगी और रजनी ने बताया कि स्थानीय व्यंजन उनके लिए बेहतर आय का माध्यम बन गए हैं और इससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो रही है। उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। संवाद
