Noida Airport: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 15 जून से शुरू होंगी उड़ानें, शुरुआत में 17 फ्लाइट्स उड़ेंगी
इंडिगो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान संचालित करेगी, जिससे निर्धारित यात्री सेवाओं की शुरुआत होगी। इसके बाद शीघ्र ही अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। उड़ान समय-सारणी, गंतव्यों और यात्री सेवाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी समयानुसार साझा की जाएगी।
विस्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए जानकारी दी है कि यहां से 15 जून 2026 से व्यावसायिक विमान सेवाएं शुरू होंगी। पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी। इसके तुरंत बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।
करीब 70 फ्लाइट के प्रस्ताव पूर्व में मिल चुके
यही वजह है कि एयरपोर्ट प्रबंधन जून के मध्य तक उड़ान शुरू होने की बात कह रहा है। यीडा व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कॉमर्शियल सेवाएं शुरू हो सकें। इसके लिए हर संभव प्रयास यापल और नायल के स्तर पर किया जा रहा है। एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए वर्तमान में करीब 70 फ्लाइट के प्रस्ताव पूर्व में मिल चुके हैं। इससे कमोबेश सभी प्रमुख शहरों के लिए उड़ान यहां से शुरू होनी हैं। इंडिगो के अलावा अकासा एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेसवे के भी प्रस्ताव इन उड़ान के लिए हैं। जल्दी ही उड़ान यहां से शुरू हो सकेंगीं।
शुरुआत में 17 फ्लाइट्स उड़ेंगी
एयरलाइंस कंपनियों ने शुरुआत में एयरपोर्ट से 17 फ्लाइट्स शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। एप्रूवल के बाद अब टिकट बुकिंग सेवा शुरू करने की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।
28 मार्च को नोएडा एयरपोर्ट का हुआ था लोकार्पण
28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन हो चुका है। यहां घरेलू और कार्गो टर्मिनल बनकर तैयार है। प्रथम चरण में एयरपोर्ट को 1334 हेक्टेयर में पूरा किया गया है। इसमें 3900 मीटर लंबा पहला रनवे, यात्री टर्मिनल, एटीसी, कार्गो हब शामिल है।
भरेगी सरकार की जेब
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के साथ सरकार की आय का बड़ा स्रोत बनने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) को प्रति यात्री लगभग 496 रुपये की आय होगी। अनुमान है कि अगले 30 वर्षों में इस एयरपोर्ट से कुल कमाई एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। एयरपोर्ट परियोजना के चलते आसपास के क्षेत्रों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है।
अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए
यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यमुना सिटी क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ है। केवल जमीन लेकर काम न करने वाली इकाइयों पर सख्ती के अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट वर्ष 2060-61 तक एक लाख करोड़ रुपये की आय वाला केंद्र बनेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत एवं विश्व के अन्य शहरों से जोड़ता है। यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का समन्वय प्रस्तुत करता है, जिससे यात्रियों को उत्कृष्ट अनुभव और व्यापक वाणिज्यिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट टिकाऊ डिजाइन और संचालन सिद्धांतों के माध्यम से शून्य-शुद्ध उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड का गठन इस ग्रीनफील्ड परियोजना-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट-के विकास, निर्माण और संचालन के लिए किया गया है। यह कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% सहायक कंपनी है और उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के साथ साझेदारी में इस सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना को क्रियान्वित कर रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए कंसेशन अवधि 1 अक्तूबर 2021 से प्रारंभ होकर 40 वर्षों तक रहेगी। वर्तमान में एयरपोर्ट में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की है। मास्टर प्लान के अनुसार, भविष्य में इसका विस्तार कर 7 करोड़ (70 मिलियन) से अधिक यात्रियों की वार्षिक क्षमता विकसित की जाएगी।
