यूपी के हरपालपुर से 60 यात्रियों को बैठाकर फर्रुखाबाद आ रही प्राइवेट बस शाहजहांपुर के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र में गांव रघुनाथपुर के पास शुक्रवार को ओवरटेक करने के दौरान पलट गई। इससे 25 यात्री घायल हो गए। इनमें 11 को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य वहीं उपचार हुआ। बस में सवार अधिकांश यात्री बुद्ध पूर्णिमा के चलते पांचाल घाट पर गंगा स्नान करने जा रहे थे।
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अस्पताल में भर्ती घायल
- फोटो : अमर उजाला
यात्रियों ने चालाक से कहा था- सही से चलाओ बस, पर उनसे एक न सुनी
हरदोई जनपद के हरपालपुर से सुबह प्राइवेट बस में करीब 60 यात्री सवार हुए। चालक बस को तेजी भगा रहा था। कुछ यात्रियों ने उससे सही से बस चलाने के लिए भी कहा। पर उसने एक नहीं सुनी। इस बीच गांव रघुनाथपुर के पास आगे चल रहे वाहन को ओवर टेक करने के प्रयास में बस पलट गई। इससे चीख पुकार मच गई। पुलिस व आसपास के ग्रामीणों ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसमें 25 यात्री घायल हो गए। एंबुलेंस से 11 घायल यात्रियों को लोहिया अस्पताल भेजा गया है। इनमें से नौ को भर्ती कर लिया गया। दो यात्रियों को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की जानकारी होने पर एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय ने सीओ अभय वर्मा लोहिया अस्पताल में पहुंच कर मरीजों का हाल जाना है।
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इससे टकराई थी बस
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लोहिया अस्पताल में आए घायल
हरदोई थाना पाली के गांव पांडेयपुरवा निवासी राधिका(45), नन्हीं देवी (60), सवायजपुर गांव सलउद्दीपुर के विश्व प्रताप सिंह (31), मिलरगवां की उमाकांती (55), माहरेपुर की गुड्डी (55), रामदेवी (65), अनुष्का (8) पुत्री प्रदीप पाल, नंदबाग के रामलड़ैते (47), जदुवीर सिंह (60), गोकुल बेहटा के गांव रामपुर मानपुर के रंजीत सिंह, अमरेखा के राजू (30) को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अस्पताल में भर्ती यात्री
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महिला के कुंडल व छह हजार रुपये सिपाही ने नहीं दिए
लोहिया अस्पताल में भर्ती हरदोई जिले के थाना सवायजपुर क्षेत्र के गांव मिरगवां निवासी घायल उमाकांती के पुत्र राहुल ने बताया कि बस पलटने पर उनकी मां के कुंडल व छह हजार रुपये वहीं गिर गए थे। बस से निकालने के दौरान एक सिपाही ने कुंडल व रुपये उठा लिए थे। मांगने उसने कहा कि पहले अस्पताल जाकर इलाज कराओ बाद में थाने आकर ले जाना। पर जब राहुल रुपये व कुंडल मांगने गया तो सिपाही ने रुपये व कुंडल लेने से ही इनकार कर दिया। इससे परेशान व्यवस्था कोसता रहा।