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Shahjahanpur News: अर्थीस्थल की दीवारों पर पड़ी दरारें, हादसे की आशंका
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जलालाबाद में जर्जर अर्थीस्थल का हॉल। संवाद
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फर्रुखाबाद हाईवे किनारे बना है अर्थीस्थल, रोज पहुंचते हैं सैकड़ों लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। फर्रुखाबाद हाईवे किनारे डाक बंगला मोड़ पर बना अर्थीस्थल जर्जर हाल में पहुंच गया है। इसके पिछले हिस्से में दीवार में पड़ी दरारें हादसे का संकेत दे रही हैं।
वर्ष 2015 में विधायक नीरज कुशवाहा ने अपनी निधि से नगर के काफी पुराने इस अर्थीस्थल का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद से इस स्थल में मरम्मत संबंधी कोई काम नहीं हुआ। परिजन, रिश्तेदार व अन्य शुभचिंतक अर्थी को लेकर यहां तक आते हैं। अर्थी को यहां थोड़ी देर के लिए रखा जाता है। बाद में यहां से अंतिम संस्कार के लिए गाड़ी या किसी अन्य साधन से अर्थी को ढाई या घटियाघाट के गंगा तट ले जाया जाता है।
धीरे-धीरे जर्जर होते जा रहे इस अर्थीस्थल की सुध लेने वाला कोई नहीं है। यहां पर रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। लोगों का कहना है शीघ्र ही इसकी मरम्मत पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। वरना किसी दिन हादसा हो सकता है। ईओ एचएन उपाध्याय ने बताया कि अर्थीस्थल के लिए बोर्ड से प्रस्ताव पास हो चुका है। टेक्निकल जांच के अनुरूप कार्य कराकर इसे जल्द ही दुरुस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। फर्रुखाबाद हाईवे किनारे डाक बंगला मोड़ पर बना अर्थीस्थल जर्जर हाल में पहुंच गया है। इसके पिछले हिस्से में दीवार में पड़ी दरारें हादसे का संकेत दे रही हैं।
वर्ष 2015 में विधायक नीरज कुशवाहा ने अपनी निधि से नगर के काफी पुराने इस अर्थीस्थल का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद से इस स्थल में मरम्मत संबंधी कोई काम नहीं हुआ। परिजन, रिश्तेदार व अन्य शुभचिंतक अर्थी को लेकर यहां तक आते हैं। अर्थी को यहां थोड़ी देर के लिए रखा जाता है। बाद में यहां से अंतिम संस्कार के लिए गाड़ी या किसी अन्य साधन से अर्थी को ढाई या घटियाघाट के गंगा तट ले जाया जाता है।
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धीरे-धीरे जर्जर होते जा रहे इस अर्थीस्थल की सुध लेने वाला कोई नहीं है। यहां पर रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। लोगों का कहना है शीघ्र ही इसकी मरम्मत पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। वरना किसी दिन हादसा हो सकता है। ईओ एचएन उपाध्याय ने बताया कि अर्थीस्थल के लिए बोर्ड से प्रस्ताव पास हो चुका है। टेक्निकल जांच के अनुरूप कार्य कराकर इसे जल्द ही दुरुस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।

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