जरा-सी जल्दबाजी से उजड़ा पूरा परिवार: हादसे में दंपती और दो बच्चों की मौत, बुजुर्ग की चीत्कार सुन सभी दहल गए
बृहस्पतिवार को अरुण ने गलत साइड से ओवरब्रिज पर बाइक चढ़ाई। सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो से टक्कर में उसका पूरा परिवार उजड़ गया। ससुराल वालों ने उसे रोकने का प्रयास किया था।
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हाईवे पर जरा-सी जल्दबाजी और अरुण के गलत साइड से ओवरब्रिज पर बाइक चढ़ाने के कारण हुए हादसे में पूरा परिवार उजड़ गया। अरुण के साढू गांव सकुलिया में रहते हैं। भूड़ा मैनारी ओवरब्रिज के पास से दाहिनी ओर सकुलिया के लिए रास्ता जाता है। अरुण ने शादी समारोह से घर जाते समय रास्ते में साढू से उनके घर आने का वादा किया था। बृहस्पतिवार को अरुण, पत्नी-बच्चों के साथ ससुराल से घर के लिए निकले।
मोहम्मदी रोड से वह हाईवे पर पहुंचे और गांव भूड़ा मैनारी के ओवरब्रिज पर बाई लेन की जगह दाईं लेन पर चले गए। इस कारण सामने से आ रही बोलेरो की टक्कर बाइक में लग गई। हादसे के बाद मौके पर लगी भीड़ में शामिल तमाम लोग भी इस बात का उल्लेख करते रहे। लोगों ने बताया कि बोलेरो गाड़ी की रफ्तार बेहद तेज होना भी हादसे का कारण बना। बाइक और बोलेरो गाड़ी आमने-सामने होने पर चालक बोलेरो को रोक नहीं सका। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मान लेते ससुराल वालों की बात तो बच जाती जान अरुण बृहस्पतिवार को घर जाने के लिए तैयार हुए तो ससुराल के लोगों ने उनको रोकने का काफी प्रयास किया और कहा कि शुक्रवार को घर के लिए निकलें। अरुण काम होने के कारण फिर आने की बात कहते हुए घर के लिए चले दिए और हादसा हो गया।
दादी के पास रुक गई थी प्रांशी
परिजनों ने बताया कि अरुण की बड़ी बेटी प्रांशी दादी उर्मिला के पास रुक गई थी। वह कक्षा छह की पढ़ाई कर रही है। वहीं, मृतक दीक्षा कक्षा चार की पढ़ाई कर रही थी। नैतिक का अभी तीन दिन पहले ही एडमिशन कराया गया था। परिजनों ने बताया कि अरुण तीन भाइयों में बड़े थे। अरुण के अलावा उनके भाई अर्जुन, बहन लक्ष्मी, रेखा की शादी हो चुकी है। भाई अंकित अभी अविवाहित है।
पिता, मां, पुत्री और भाइयों के नहीं रुक रहे आंसू
अरुण संयुक्त परिवार में रहते हैं। उनके दो छोटे भाइयों में एक करुण कुमार बाइक मैकेनिक है और एक भाई मजदूरी करते हैं। हादसे में अरुण सहित चार लोगों की मौत की खबर से परिवार के लोग बिलख उठे। जानकारी पाकर मोहल्ले के तमाम लोग अरुण के घर पहुंचे और दुखी परिजनों को सांत्वना दी। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा भी सांत्वना देने पहुंचे।
पोस्टमॉर्टम हाउस पर परिजनों की चीत्कार से हर आंख हुई नम
पोस्टमॉर्टम हाउस पर उर्मिला मौत की नींद सो चुकी चार जिंदगियों को जगा रही थीं। उसकी चीत्कार सुनकर सभी का दिल दहल गया। पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। पोस्टमॉर्टम हाउस पर पति राकेश के साथ पहुंची उर्मिला वहां खड़ी पिकअप पर चढ़ गई। शांत हो चुके अपने बेटे, बहू, पौत्र और पौत्री को आवाज देते हुए बोली- उठो मेरे चुक जिगर के टुकड़ों... मुझसे बात करो... नहीं तो हम नाराज हो जाएंगे। पत्नी की दर्दभरी आवाज सुनकर राकेश की हिम्मत टूट गई और वह जमीन पर गिर गए।
साथ में आए परिवार के लोगों ने राकेश को संभाला ही था कि उर्मिला भी बेहोश हो गईं। महिलाओं ने पानी छिड़का तो उर्मिला होश में आकर अपनी किस्मत को कोसने लगीं। वहां पर खड़े पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने सांत्वना दी। इसी दौरान सिंधौली के सकुलिया गांव निवासी मृतका सीमा की बड़ी बहन धर्मदेवी पहुंची। बोलीं-परिवार वालों ने बहन-बहनोई को बहुत रोका था, लेकिन हमारे वहां से जाने के बाद वह भी चल दिए।
