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सहायक वनरक्षक भर्ती की जाए रद्द : नीरज
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वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सीएम को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ वन वृत्त कुल्लू ने हाल ही में जारी सहायक वनरक्षक भर्ती अधिसूचना को लेकर कड़ा विरोध जताया है। महासंघ ने इस भर्ती प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई है। महासंघ ने विधायक भुवनेश्वर गौड़ के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा है।
महासंघ के अध्यक्ष नीरज कुमार और महासचिव ललित कपूर सहित अन्य कर्मचारियों ने सरकार के निर्णय पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से 500 वनरक्षक पदों को समाप्त कर उनके स्थान पर 500 सहायक वनरक्षक पद सृजित करना विभागीय ढांचे के लिए हानिकारक साबित होगा। ललित कपूर ने बताया कि वन विभाग में वनरक्षक पदों पर सीधी भर्ती अब तक सबसे प्रभावी व्यवस्था रही है। इसके अलावा महासंघ ने यह भी चिंता जताई है कि सहायक वनरक्षक को वनरक्षक के समान अधिकार देने की चर्चा हो रही है, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
वनरक्षक को भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने और डैमेज रिपोर्ट तैयार करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। ऐसे में समान अधिकार देना कानूनी ढांचे को कमजोर कर सकता है। विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने महासंघ को आश्वासन दिया है कि वह इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे और कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जाएगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ वन वृत्त कुल्लू ने हाल ही में जारी सहायक वनरक्षक भर्ती अधिसूचना को लेकर कड़ा विरोध जताया है। महासंघ ने इस भर्ती प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई है। महासंघ ने विधायक भुवनेश्वर गौड़ के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा है।
महासंघ के अध्यक्ष नीरज कुमार और महासचिव ललित कपूर सहित अन्य कर्मचारियों ने सरकार के निर्णय पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से 500 वनरक्षक पदों को समाप्त कर उनके स्थान पर 500 सहायक वनरक्षक पद सृजित करना विभागीय ढांचे के लिए हानिकारक साबित होगा। ललित कपूर ने बताया कि वन विभाग में वनरक्षक पदों पर सीधी भर्ती अब तक सबसे प्रभावी व्यवस्था रही है। इसके अलावा महासंघ ने यह भी चिंता जताई है कि सहायक वनरक्षक को वनरक्षक के समान अधिकार देने की चर्चा हो रही है, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
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वनरक्षक को भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने और डैमेज रिपोर्ट तैयार करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। ऐसे में समान अधिकार देना कानूनी ढांचे को कमजोर कर सकता है। विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने महासंघ को आश्वासन दिया है कि वह इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे और कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जाएगा। संवाद
