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Kullu News: आग प्रभावित गांव झनियार में अभी तक नहीं लगा स्पेन
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 11 Feb 2026 10:37 PM IST
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बंजार के झनियार गांव में आग के बाद जले गांव के लोग टेट में रहने को मजबूर।-संवाद
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आग प्रभावित झनियार गांव के प्रभावितों की आज भी टेंट में कट रही हैं सर्द रातें
पीठ पर ढो रहे सामग्री, चार महीने बाद भी पूरे नहीं हुए सरकार-प्रशासन के दावे
गौरी शंकर
कुल्लू। झनियार गांव में 10 नवंबर की आग ने सिर्फ घर ही नहीं जलाए, बल्कि 17 परिवारों की जिंदगी भी राख में बदल दी। चार महीने बाद भी राहत अधूरी है।
टेंटों में बर्फीली रातें काटने वाले ग्रामीण अब भी पीठ और कंधों पर निर्माण सामग्री ढो रहे हैं। प्रशासन और मंत्रियों ने गांव में पहुंचकर वादा तो किया था तार स्पेन लगाएंगे, लकड़ी उपलब्ध करवाएंगे लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हुआ। गांव सड़क से तीन किलोमीटर दूर है। प्रशासन की ढीली पहल ने प्रभावितों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। चार महीने बाद भी बर्फीले क्षेत्र के प्रभावित टेंट में सर्द रातें काट रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अभी तक स्पेन न लगने से लोगों को घर बनाने के लिए सरिया और अन्य निर्माण सामग्री पीठ और कंधों पर ढोनी पड़ रही है। गांव तक पानी भी सुचारू नहीं हो पाया है। लोगों की मानें तो प्रभावितों की मुसीबतें अभी कम नहीं हुई हैं। गौरतलब है कि 10 नवंबर, 2025 को झनियार गांव में आग की घटना पेश आई थी। इसमें 16 मकान जलकर राख हो गए थे। 17 परिवारों के 70 से अधिक सदस्य बेघर हो गए थे। ऐसे में प्रभावितों को टेंट तो मिले जिसमें परिवार के साथ प्रभावित चार महीनों से रह रह हैं लेकिन घर बनाने के लिए निर्माण सामग्री गांव तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। गांव सड़क से करीब तीन किलोमीटर दूर है। गांव तक निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए तार स्पेन लगाने की मांग की थी। प्रशासन ने इसे स्थापित करने को लेकर हामी भरी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है।
प्रभावित झावे राम, गोपाल सिंह मेहता, संजय कुमार औरा भूपेंद्र कुमार ने कहा कि अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सरकार से आग्रह है कि प्रभावितों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए काम किया जाए।
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लकड़ी तक नहीं मिल रही
प्रभावितों के अनुसार घर बनाने के लिए उन्हें लकड़ी की जरूरत है लेकिन सरकार की ओर से अभी तक लकड़ी उपलब्ध करवाने के लिए किसी तरह की पहल नहीं की गई है जिससे प्रभावित परेशान हैं। गांव तक पानी पहुंचाने के लिए एक योजना बनाई थी लेकिन अभी तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
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प्रभावितों की समस्याओं को प्रशासन और सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। गांव के लिए तार स्पेन जल्द लगाया जाए ताकि लोगों को भवन निर्माण और अन्य सामान पहुंचाने में आसानी हो सके। -हरीश कुमार, प्रभावित-
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आग की घटना से प्रभावित गांव में लोग अभी भी टेंट में रहने को मजबूर हैं। उन्हें घर बनाने के लिए सारा सामान पीठ और कंधों पर लाना पड़ रहा है। अगर समय पर तार स्पेन लग जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। - चुन्नी लाल, प्रभावित
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पीठ पर ढो रहे सामग्री, चार महीने बाद भी पूरे नहीं हुए सरकार-प्रशासन के दावे
गौरी शंकर
कुल्लू। झनियार गांव में 10 नवंबर की आग ने सिर्फ घर ही नहीं जलाए, बल्कि 17 परिवारों की जिंदगी भी राख में बदल दी। चार महीने बाद भी राहत अधूरी है।
टेंटों में बर्फीली रातें काटने वाले ग्रामीण अब भी पीठ और कंधों पर निर्माण सामग्री ढो रहे हैं। प्रशासन और मंत्रियों ने गांव में पहुंचकर वादा तो किया था तार स्पेन लगाएंगे, लकड़ी उपलब्ध करवाएंगे लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हुआ। गांव सड़क से तीन किलोमीटर दूर है। प्रशासन की ढीली पहल ने प्रभावितों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। चार महीने बाद भी बर्फीले क्षेत्र के प्रभावित टेंट में सर्द रातें काट रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अभी तक स्पेन न लगने से लोगों को घर बनाने के लिए सरिया और अन्य निर्माण सामग्री पीठ और कंधों पर ढोनी पड़ रही है। गांव तक पानी भी सुचारू नहीं हो पाया है। लोगों की मानें तो प्रभावितों की मुसीबतें अभी कम नहीं हुई हैं। गौरतलब है कि 10 नवंबर, 2025 को झनियार गांव में आग की घटना पेश आई थी। इसमें 16 मकान जलकर राख हो गए थे। 17 परिवारों के 70 से अधिक सदस्य बेघर हो गए थे। ऐसे में प्रभावितों को टेंट तो मिले जिसमें परिवार के साथ प्रभावित चार महीनों से रह रह हैं लेकिन घर बनाने के लिए निर्माण सामग्री गांव तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। गांव सड़क से करीब तीन किलोमीटर दूर है। गांव तक निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए तार स्पेन लगाने की मांग की थी। प्रशासन ने इसे स्थापित करने को लेकर हामी भरी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है।
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प्रभावित झावे राम, गोपाल सिंह मेहता, संजय कुमार औरा भूपेंद्र कुमार ने कहा कि अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सरकार से आग्रह है कि प्रभावितों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए काम किया जाए।
लकड़ी तक नहीं मिल रही
प्रभावितों के अनुसार घर बनाने के लिए उन्हें लकड़ी की जरूरत है लेकिन सरकार की ओर से अभी तक लकड़ी उपलब्ध करवाने के लिए किसी तरह की पहल नहीं की गई है जिससे प्रभावित परेशान हैं। गांव तक पानी पहुंचाने के लिए एक योजना बनाई थी लेकिन अभी तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
प्रभावितों की समस्याओं को प्रशासन और सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। गांव के लिए तार स्पेन जल्द लगाया जाए ताकि लोगों को भवन निर्माण और अन्य सामान पहुंचाने में आसानी हो सके। -हरीश कुमार, प्रभावित-
आग की घटना से प्रभावित गांव में लोग अभी भी टेंट में रहने को मजबूर हैं। उन्हें घर बनाने के लिए सारा सामान पीठ और कंधों पर लाना पड़ रहा है। अगर समय पर तार स्पेन लग जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। - चुन्नी लाल, प्रभावित