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Kullu News: शिक्षकों के पद रिक्त, नहीं जागी सरकार, पटरी से उतरी पढ़ाई
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लारजी (कुल्लू)। शिक्षा खंड सैंज की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शांघड़ में शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। चार वर्षों से शिक्षकों, कर्मचारियों के छह पद खाली हैं, लेकिन न सरकार जागी न विभाग। नतीजा 120 बच्चों की पढ़ाई पटरी से उतर गई है। शिक्षक न होने से कक्षाएं ठप हैं और बच्चों का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा है। विद्यालय में इतिहास, अंग्रेजी, आईपी और राजनीति शास्त्र के शिक्षक समेत कुल छह पद रिक्त हैं।
समस्या को विद्यालय प्रबंधन समिति सरकार, प्रशासन और शिक्षा विभाग के समक्ष उठा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्टाफ की कमी के चलते कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक देशराज डोगरा ने बताया कि शांघड़ विद्यालय में रिक्त पदों का विवरण शिक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है और जल्द समाधान की उम्मीद है।
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अभिभावकों और एसएमसी की चिंता
शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इतने लंबे समय तक पद खाली रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बिना शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से नहीं चल रही है। कई बार सरकार और विभाग के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है।
-रोशन, एसएमसी प्रधान
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शांघड़ विद्यालय में स्टाफ की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। अन्यथा विद्यालय के बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिल करवाना पड़ेगा।
-ताराचंद, अभिभावक
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शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सरकार और विभाग को जल्द तैनाती करनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु हो सके।
-यशवंत नेगी, अभिभावक
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समस्या को विद्यालय प्रबंधन समिति सरकार, प्रशासन और शिक्षा विभाग के समक्ष उठा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्टाफ की कमी के चलते कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक देशराज डोगरा ने बताया कि शांघड़ विद्यालय में रिक्त पदों का विवरण शिक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है और जल्द समाधान की उम्मीद है।
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अभिभावकों और एसएमसी की चिंता
शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इतने लंबे समय तक पद खाली रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बिना शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से नहीं चल रही है। कई बार सरकार और विभाग के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है।
-रोशन, एसएमसी प्रधान
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शांघड़ विद्यालय में स्टाफ की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। अन्यथा विद्यालय के बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिल करवाना पड़ेगा।
-ताराचंद, अभिभावक
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शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सरकार और विभाग को जल्द तैनाती करनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु हो सके।
-यशवंत नेगी, अभिभावक
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