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Kullu News: आदिशक्ति के अवतरण का वर्णन सुन भावविभोर हुए श्रोता
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मनाली के देवी हिडिंबा मदिंर में चल रही श्रीमद् देवी कथा सुनने उमड़ी भीड़।-संवाद
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मनाली। आराध्य देवी हिडिंबा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में शुक्रवार को श्रद्धालु देवी महिमा के अमृत रस में डूबे नजर आए। व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य शशांक कृष्ण कौशल ने कथा के दौरान आदिशक्ति के प्राकट्य और देवी सरस्वती, देवी लक्ष्मी तथा महादेवी के अवतरण का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि जब ब्रह्मांड में राक्षसों का अत्याचार बढ़ गया और उनके उत्पात से समस्त लोक त्रस्त हो गए, तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने आदिशक्ति के निर्गुण-निराकार स्वरूप की आराधना की। तीनों देवों की स्तुति से प्रसन्न होकर आदिशक्ति प्रकट हुईं और संसार के कल्याण तथा धर्म की रक्षा के लिए देवी सरस्वती, देवी लक्ष्मी और महादेवी के रूप में अवतरित हुईं।
आचार्य शशांक कौशल ने बताया कि देवताओं ने राक्षसों के संहार और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र देवी को समर्पित किए। देवी ने देवताओं को आश्वस्त करते हुए अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना का संकल्प लिया। कथा के इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। देवी हिडिंबा के कारदार रघुवीर नेगी ने बताया कि 27 जून तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर श्रीमद् देवी भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं। संवाद
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उन्होंने कहा कि जब ब्रह्मांड में राक्षसों का अत्याचार बढ़ गया और उनके उत्पात से समस्त लोक त्रस्त हो गए, तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने आदिशक्ति के निर्गुण-निराकार स्वरूप की आराधना की। तीनों देवों की स्तुति से प्रसन्न होकर आदिशक्ति प्रकट हुईं और संसार के कल्याण तथा धर्म की रक्षा के लिए देवी सरस्वती, देवी लक्ष्मी और महादेवी के रूप में अवतरित हुईं।
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आचार्य शशांक कौशल ने बताया कि देवताओं ने राक्षसों के संहार और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र देवी को समर्पित किए। देवी ने देवताओं को आश्वस्त करते हुए अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना का संकल्प लिया। कथा के इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। देवी हिडिंबा के कारदार रघुवीर नेगी ने बताया कि 27 जून तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर श्रीमद् देवी भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं। संवाद