{"_id":"69aeb1efb399dabeac0ef7b7","slug":"the-union-is-upset-over-handing-over-the-hotels-of-the-tourism-corporation-to-private-hands-kullu-news-c-89-1-ssml1014-170870-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: पर्यटन निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने पर संघ तल्ख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: पर्यटन निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने पर संघ तल्ख
विज्ञापन
विज्ञापन
हुक्म राम ने कहा, सहन नहीं करेंगे अन्याय, होगा बड़ा आंदोलन
.......................
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम कर्मचारी संघ तल्ख हो गया है। सोमवार को मनाली में संघ के अध्यक्ष हुक्म राम ने कहा कि यह अन्याय सहन नहीं होगा। जरूरत पड़ी तो संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होगा।
उन्होंने कहा कि पहले भी निगम के कई होटल निजी हाथों में दिए गए हैं। उन्हें अपने हाथों में वापस लेना मुश्किल हो गया। नूरपुर की संपत्ति इसका उदाहरण है। पहले यह संपत्ति निजी हाथों में दी गई। बाद में उसे छुड़वाने के लिए पुलिस की सहायता लेनी पड़ी। आज भी इसके करोड़ों रुपये लेने बाकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि होटलों को निजी हाथों में न दें। यदि ऐसा हुआ तो कर्मचारियों को दूसरे होटलों में मर्ज करना पड़ेगा। ऐसे में घाटे को कम करने का यह फार्मूला भी फिट नहीं बैठता। लिहाजा इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। संवाद
Trending Videos
.......................
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम कर्मचारी संघ तल्ख हो गया है। सोमवार को मनाली में संघ के अध्यक्ष हुक्म राम ने कहा कि यह अन्याय सहन नहीं होगा। जरूरत पड़ी तो संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होगा।
उन्होंने कहा कि पहले भी निगम के कई होटल निजी हाथों में दिए गए हैं। उन्हें अपने हाथों में वापस लेना मुश्किल हो गया। नूरपुर की संपत्ति इसका उदाहरण है। पहले यह संपत्ति निजी हाथों में दी गई। बाद में उसे छुड़वाने के लिए पुलिस की सहायता लेनी पड़ी। आज भी इसके करोड़ों रुपये लेने बाकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि होटलों को निजी हाथों में न दें। यदि ऐसा हुआ तो कर्मचारियों को दूसरे होटलों में मर्ज करना पड़ेगा। ऐसे में घाटे को कम करने का यह फार्मूला भी फिट नहीं बैठता। लिहाजा इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन