{"_id":"6a3e4e08842b67d68d043c45","slug":"trainees-should-adopt-mushroom-cultivation-as-a-business-chandra-kullu-news-c-89-1-ssml1013-179863-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाए प्रशिक्षु : चंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाए प्रशिक्षु : चंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरसेटी पतलीकूहल में 28 प्रतिभागियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पतलीकूहल में 28 प्रतिभागी मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वीरवार को आरसेटी के राज्य निदेशक रमेश ढडवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का फीडबैक लिया और कहा कि आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे न केवल युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।
पीएनबी आरसेटी के निदेशक चंद्र नारायण सिंह ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उत्पादन की तकनीकों के साथ-साथ उद्यमिता विकास और सफल व्यवसाय संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की भी जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण का समापन 30 जून को होगा। इस दौरान प्रतिभागियों का लिखित मूल्यांकन किया जाएगा। सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण के पांचवें दिन वीरवार को उद्यान विकास अधिकारी पूजा धीमान और उद्यान प्रसार अधिकारी राकेश शर्मा ने उद्यान विभाग की मशरूम उत्पादन से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। इसके अलावा बागवानों की आय बढ़ाने वाली अन्य फसलों और योजनाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पतलीकूहल में 28 प्रतिभागी मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वीरवार को आरसेटी के राज्य निदेशक रमेश ढडवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का फीडबैक लिया और कहा कि आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे न केवल युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।
पीएनबी आरसेटी के निदेशक चंद्र नारायण सिंह ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उत्पादन की तकनीकों के साथ-साथ उद्यमिता विकास और सफल व्यवसाय संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की भी जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण का समापन 30 जून को होगा। इस दौरान प्रतिभागियों का लिखित मूल्यांकन किया जाएगा। सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण के पांचवें दिन वीरवार को उद्यान विकास अधिकारी पूजा धीमान और उद्यान प्रसार अधिकारी राकेश शर्मा ने उद्यान विभाग की मशरूम उत्पादन से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। इसके अलावा बागवानों की आय बढ़ाने वाली अन्य फसलों और योजनाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया। संवाद
विज्ञापन