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Mandi News: बगलामुखी रोपवे का किराया बढ़ाने पर आक्रोश

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 04:28 AM IST
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Anger over increase in fare of Baglamukhi Ropeway
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पंडोह-कुकलाह सड़क दुरुस्त होने तक बढ़ोतरी वापस लेने की मांग
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सौरभ कुमार
पंडोह (मंडी)। पंडोह क्षेत्र में स्थित माता बगलामुखी मंदिर के रोपवे किराये में वृद्धि को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मंदिर की सड़क पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक किराया बढ़ाना जनहित के खिलाफ है।
ग्रामीणों के अनुसार पंडोह से कुकलाह तक सड़क की हालत अब भी बेहद खराब है। वर्ष 2025 की आपदा में यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे लंबे समय तक क्षेत्र का संपर्क कटा रहा। बाद में ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर कुकलाह फुटब्रिज के पास दरिया के किनारे एक वैकल्पिक रास्ता तैयार किया, लेकिन यह अस्थायी मार्ग है और जलस्तर बढ़ते ही बंद हो जाता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम आने में करीब दो माह का समय बचा है। सड़क की स्थिति में अभी तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में रोपवे का किराया बढ़ाना आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है। पहले क्षेत्र की 12 पंचायतों को रोपवे किराये में छूट मिलती थी, लेकिन रोपवे के निजी प्रबंधन में जाने के बाद यह सुविधा सीमित कर दी गई है। वर्तमान में केवल तीन पंचायतों को ही छूट मिल रही है। नौ पंचायतों के लोगों को आने-जाने में लगभग 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा सामान ले जाने पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है।

स्थानीय निवासियों दामोदर, प्रेम, रमेश और प्रवीण ने प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़क बहाली से पहले किराया बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग की कि सभी 12 पंचायतों के लिए पहले जैसी छूट बहाल करने के साथ ही सड़क को भी दुरुस्त किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।
इस समय रोपवे का किराया बढ़ाना बिल्कुल भी उचित नहीं है। अभी तक सड़क पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है। थोड़ा सा जलस्तर बढ़ने पर वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो जाता है। ऐसे में आने-जाने के लिए रोपवे ही एकमात्र साधन बचता है। बढ़े हुए किराये को वापस लेते हुए नौ पंचायतों के स्थानीय लोगों के लिए इसे घटाकर 50 रुपये किया जाना चाहिए।
तनु शर्मा, निवासी कुकलाह
बाखली सहित आसपास की पंचायतों के लोगों के लिए रोपवे का किराया 50 रुपये ही होना चाहिए। किराया बढ़ाने से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ सकती है। अभी तक सड़क पूरी तरह से ठीक नहीं है और कभी भी बंद हो जाती है। ऐसे में मंदिर आने-जाने के लिए रोपवे ही एकमात्र सहारा है।
-टेक चंद, प्रधान, माता बगलामुखी मंदिर कमेटी
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