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Mandi News: कानूनी विवाद मुक्त गांवों के लिए सामुदायिक मध्यस्थता शुरू
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ग्रामीण क्षेत्रों के 15 मध्यस्थ हुए चयनित
मध्यस्थों को दिया एक दिवसीय प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कानूनी विवाद मुक्त गांवों का सपना साकार करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सामुदायिक मध्यस्थता योजना शुरू की है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशों और मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 15 मध्यस्थों का चयन किया गया है। उपायुक्त कार्यालय स्थित डीआरडीए सभागार में शनिवार को इन मध्यस्थों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर का शुभारंभ करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विवेक कायस्थ ने बताया कि नालसा के निर्देश पर प्रदेश के पांच जिलों में सामुदायिक मध्यस्थता शुरू की गई है, जिसमें मंडी भी शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभिक तौर पर 15 मध्यस्थ नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चयनित मध्यस्थों की सूची ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विभागों को भेजी जाएगी। किसी क्षेत्र में विवाद सामने आने पर विभाग इसकी सूचना जिला प्राधिकरण को देगा। प्राधिकरण विवाद को संबंधित क्षेत्र के मध्यस्थ के पास समाधान के लिए भेजेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्यस्थ विवाद के सुलझने या न सुलझने की रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगा।
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प्रशिक्षण शिविर में जिला न्यायालय के प्रशिक्षित मध्यस्थ समीर कश्यप, गीतांजलि शर्मा, भंवर भारद्वाज और मनीष कटोच ने प्रशिक्षुओं को मध्यस्थता की प्रक्रिया और उनकी भूमिका की जानकारी दी।
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मध्यस्थों को दिया एक दिवसीय प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कानूनी विवाद मुक्त गांवों का सपना साकार करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सामुदायिक मध्यस्थता योजना शुरू की है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशों और मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 15 मध्यस्थों का चयन किया गया है। उपायुक्त कार्यालय स्थित डीआरडीए सभागार में शनिवार को इन मध्यस्थों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर का शुभारंभ करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विवेक कायस्थ ने बताया कि नालसा के निर्देश पर प्रदेश के पांच जिलों में सामुदायिक मध्यस्थता शुरू की गई है, जिसमें मंडी भी शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभिक तौर पर 15 मध्यस्थ नियुक्त किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि चयनित मध्यस्थों की सूची ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विभागों को भेजी जाएगी। किसी क्षेत्र में विवाद सामने आने पर विभाग इसकी सूचना जिला प्राधिकरण को देगा। प्राधिकरण विवाद को संबंधित क्षेत्र के मध्यस्थ के पास समाधान के लिए भेजेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्यस्थ विवाद के सुलझने या न सुलझने की रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगा।
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प्रशिक्षण शिविर में जिला न्यायालय के प्रशिक्षित मध्यस्थ समीर कश्यप, गीतांजलि शर्मा, भंवर भारद्वाज और मनीष कटोच ने प्रशिक्षुओं को मध्यस्थता की प्रक्रिया और उनकी भूमिका की जानकारी दी।