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Mandi News: सूर्य मंदिर कुंड के पानी को लेकर बढ़ा विवाद, पीलिया फैलने की आशंका जताई
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जल शक्ति विभाग ने सैंपल लेकर पानी के इस्तेमाल पर लगाई रोक
रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की गुणवत्ता और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सुंदरनगर नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल को लेकर अब राजनीति तेज होने लगी है। सूर्य मंदिर परिसर के कुंड और बोरवेल के पानी को लेकर उठे विवाद के बाद जल शक्ति विभाग हरकत में आ गया है। विभागीय टीम ने पानी के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की गुणवत्ता और उससे जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रयाग क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इसके सेवन से कुछ लोगों में पीलिया जैसे रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, अस्पताल में ऐसे मामलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले ने तूल पकड़ा तो विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पानी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
जानकारी के अनुसार सूर्य मंदिर का पारंपरिक कुंड सूखने के बाद मंदिर ट्रस्ट की ओर से क्षेत्र में बोरवेल स्थापित किया गया था। दूसरी ओर जल शक्ति विभाग ने झील क्षेत्र से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन आस्था के चलते कुछ लोग अब भी बोरवेल के पानी का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों सोम कृष्ण, परस राम, चमन लाल, चुनी लाल सहित अन्य का कहना है कि मामले को लेकर अलग-अलग स्तर पर दावे किए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उधर, जल शक्ति विभाग सुंदरनगर के अधिशासी अभियंता रजत गर्ग ने बताया कि पानी के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सैंपल लेने के बाद संबंधित पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। वहीं, एसडीएम अमर नेगी ने कहा कि रोगों की शिकायत मिलने पर जल शक्ति विभाग ने संबंधित क्षेत्र से सैंपल लिए हैं। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन से भी रोगों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। सुंदरनगर अस्पताल के एसएमओ डॉ. चमन सिंह ने बताया कि किसी एक स्थान से एक साथ पीलिया के मामले सामने नहीं आए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से एक या दो मामले आना सामान्य प्रक्रिया है।
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रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की गुणवत्ता और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सुंदरनगर नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल को लेकर अब राजनीति तेज होने लगी है। सूर्य मंदिर परिसर के कुंड और बोरवेल के पानी को लेकर उठे विवाद के बाद जल शक्ति विभाग हरकत में आ गया है। विभागीय टीम ने पानी के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की गुणवत्ता और उससे जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रयाग क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इसके सेवन से कुछ लोगों में पीलिया जैसे रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, अस्पताल में ऐसे मामलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले ने तूल पकड़ा तो विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पानी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
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जानकारी के अनुसार सूर्य मंदिर का पारंपरिक कुंड सूखने के बाद मंदिर ट्रस्ट की ओर से क्षेत्र में बोरवेल स्थापित किया गया था। दूसरी ओर जल शक्ति विभाग ने झील क्षेत्र से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन आस्था के चलते कुछ लोग अब भी बोरवेल के पानी का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों सोम कृष्ण, परस राम, चमन लाल, चुनी लाल सहित अन्य का कहना है कि मामले को लेकर अलग-अलग स्तर पर दावे किए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उधर, जल शक्ति विभाग सुंदरनगर के अधिशासी अभियंता रजत गर्ग ने बताया कि पानी के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सैंपल लेने के बाद संबंधित पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। वहीं, एसडीएम अमर नेगी ने कहा कि रोगों की शिकायत मिलने पर जल शक्ति विभाग ने संबंधित क्षेत्र से सैंपल लिए हैं। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन से भी रोगों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। सुंदरनगर अस्पताल के एसएमओ डॉ. चमन सिंह ने बताया कि किसी एक स्थान से एक साथ पीलिया के मामले सामने नहीं आए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से एक या दो मामले आना सामान्य प्रक्रिया है।