{"_id":"6a0486a302552d9b520cd7a2","slug":"five-bigwigs-freed-from-the-trap-of-illegal-occupation-mandi-news-c-90-1-mnd1018-196591-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: अवैध कब्जे की फांस से निकले पांचों दिग्गज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: अवैध कब्जे की फांस से निकले पांचों दिग्गज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
2002 में नियमितीकरण के आवेदक चुनाव लड़ने के पात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। विकास खंड सराज की लेहथाच पंचायत चुनाव में नामांकन रद्द होने की कगार पर पहुंचे पांच प्रत्याशियों को बड़ी राहत मिली है। सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के आरोपों के बावजूद पंचायती राज विभाग के ताजा स्पष्टीकरण के बाद उनके नामांकन वैध करार दिए गए हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा 8 मई 2026 की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जिन दावों का निपटारा लंबित है, उन्हें आधार बनाकर अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। यह प्रावधान राज्य के कानून पर केंद्रीय कानून की प्राथमिकता को भी रेखांकित करता है। इसी आधार पर सहायक निर्वाचन अधिकारी देवराज ने नामांकन स्वीकार किए। जबकि प्रत्याशी कर्म सिंह ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय जाने की बात कही है। एआरओ देवराज ने बताया कि विभाग के पत्र संख्या 26322 के दिशा-निर्देशों के तहत लंबित दावों वाले उम्मीदवारों को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर नामांकन पत्र सही पाए गए हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। विकास खंड सराज की लेहथाच पंचायत चुनाव में नामांकन रद्द होने की कगार पर पहुंचे पांच प्रत्याशियों को बड़ी राहत मिली है। सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के आरोपों के बावजूद पंचायती राज विभाग के ताजा स्पष्टीकरण के बाद उनके नामांकन वैध करार दिए गए हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा 8 मई 2026 की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जिन दावों का निपटारा लंबित है, उन्हें आधार बनाकर अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। यह प्रावधान राज्य के कानून पर केंद्रीय कानून की प्राथमिकता को भी रेखांकित करता है। इसी आधार पर सहायक निर्वाचन अधिकारी देवराज ने नामांकन स्वीकार किए। जबकि प्रत्याशी कर्म सिंह ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय जाने की बात कही है। एआरओ देवराज ने बताया कि विभाग के पत्र संख्या 26322 के दिशा-निर्देशों के तहत लंबित दावों वाले उम्मीदवारों को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर नामांकन पत्र सही पाए गए हैं।