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Mandi News: नहीं थम रहा पीलिया का प्रकोप, चार और मामले
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गोहर (मंडी)। उपमंडल में पीलिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को चार और मामले सामने आए। इससे पीलिया पीड़ितों की संख्या 82 पहुंच गई है। पीलिया के अधिकतर मरीज बासा, गोहर और चैलचौक से हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 51 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 31 मामले सक्रिय हैं। इनमें से दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। अधिकांश मरीज बासा, गोहर और चैलचौक से संबंधित बताए जा रहे हैं। इसके चलते इन इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में पीलिया फैलने का संभावित कारण दूषित पेयजल माना गया है। जलस्रोतों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। जलापूर्ति योजनाओं की सफाई, क्लोरीनेशन और पाइपलाइन निरीक्षण का काम भी तेज कर दिया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को उबला या शुद्ध पानी पीने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और बुखार, उल्टी, आंख या त्वचा पीली पड़ने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए जागरूक कर रही हैं। साथ ही स्थानीय चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पीलिया से संबंधित लक्षण नजर आने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में लोग अपनी जांच करवाएं। कहा कि लोग विभागीय निर्देशों का पालन करें।
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विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 51 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 31 मामले सक्रिय हैं। इनमें से दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। अधिकांश मरीज बासा, गोहर और चैलचौक से संबंधित बताए जा रहे हैं। इसके चलते इन इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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प्रारंभिक जांच में पीलिया फैलने का संभावित कारण दूषित पेयजल माना गया है। जलस्रोतों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। जलापूर्ति योजनाओं की सफाई, क्लोरीनेशन और पाइपलाइन निरीक्षण का काम भी तेज कर दिया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को उबला या शुद्ध पानी पीने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और बुखार, उल्टी, आंख या त्वचा पीली पड़ने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए जागरूक कर रही हैं। साथ ही स्थानीय चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पीलिया से संबंधित लक्षण नजर आने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में लोग अपनी जांच करवाएं। कहा कि लोग विभागीय निर्देशों का पालन करें।
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