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Mandi News: नाट्य प्रस्तुति से पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
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मोर की कहानी से प्रकृति पर बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप और दुष्परिणामों को किया उजागर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ विजुअल आर्ट, रोहतक (हरियाणा) के विद्यार्थियों और हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान, मंडी के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को संकन माडर्न स्थित खुले मंच पर बॉडी मूवमेंट आधारित नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति पर बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान की संचालक सीमा शर्मा ने बताया कि नाटक में मोर के जीवन को केंद्र में रखते हुए प्रकृति के विनाश और जीव-जंतुओं पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को दर्शाया गया। प्रस्तुति में दिखाया गया कि आधुनिक विकास और अंधाधुंध निर्माण गतिविधियों के कारण जंगल, पहाड़ और नदियां लगातार प्रभावित हो रही हैं, जिसका व्यापक असर पर्यावरण संतुलन पर पड़ रहा है। कलाकार अरुण और यशवंत ने अपने सशक्त अभिनय से प्रस्तुति को जीवंत बना दिया, वहीं व्योम शर्मा के संगीत निर्देशन ने नाटक की प्रभावशीलता को और बढ़ाया। प्रस्तुति को दर्शकों और कला प्रेमियों ने खूब सराहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ विजुअल आर्ट, रोहतक (हरियाणा) के विद्यार्थियों और हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान, मंडी के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को संकन माडर्न स्थित खुले मंच पर बॉडी मूवमेंट आधारित नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति पर बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान की संचालक सीमा शर्मा ने बताया कि नाटक में मोर के जीवन को केंद्र में रखते हुए प्रकृति के विनाश और जीव-जंतुओं पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को दर्शाया गया। प्रस्तुति में दिखाया गया कि आधुनिक विकास और अंधाधुंध निर्माण गतिविधियों के कारण जंगल, पहाड़ और नदियां लगातार प्रभावित हो रही हैं, जिसका व्यापक असर पर्यावरण संतुलन पर पड़ रहा है। कलाकार अरुण और यशवंत ने अपने सशक्त अभिनय से प्रस्तुति को जीवंत बना दिया, वहीं व्योम शर्मा के संगीत निर्देशन ने नाटक की प्रभावशीलता को और बढ़ाया। प्रस्तुति को दर्शकों और कला प्रेमियों ने खूब सराहा।