{"_id":"697ba424c3b06ec5690ac0c7","slug":"not-a-four-lane-but-a-dangerous-road-administrative-negligence-exposed-in-padhar-bijni-mandi-news-c-90-1-ssml1045-184142-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोरलेन नहीं, खतरे की सड़क: पधर-बिजनी में प्रशासनिक लापरवाही उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोरलेन नहीं, खतरे की सड़क: पधर-बिजनी में प्रशासनिक लापरवाही उजागर
विज्ञापन
बिजनी पधर निर्माणाधीन एनएच पर फंसा ट्रक। संवाद
विज्ञापन
पधर (मंडी)। मंडी-पठानकोट निर्माणाधीन फोरलेन के पधर से बिजनी तक के हिस्से की बदहाल स्थिति पर फोरलेन समन्वय समिति ने कड़ा एतराज जताया है। समिति के सचिव महेंद्र गुलेरिया ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और निर्माण कंपनी की घोर गैर-जिम्मेदारी का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि यह सड़क अब सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है।
महेंद्र गुलेरिया ने बताया कि बेतरतीब कटिंग, अवैज्ञानिक अलाइनमेंट और बिना ठोस योजना के किए जा रहे निर्माण कार्य के कारण फोरलेन सड़क सांप की तरह टेढ़ी-मेढ़ी बन गई है। द्रंग और माणा क्षेत्रों में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं। सड़क पर कीचड़, गड्ढे और जगह-जगह धंसान की स्थिति है, जिससे सूखे मौसम में भी वाहन दलदल में फंस रहे हैं। गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
समिति ने आरोप लगाया कि हालात गंभीर होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। न तो निर्माण कंपनी को यातायात व्यवस्था सुधारने के ठोस निर्देश दिए जा रहे हैं और न ही आम जनता की सुरक्षा को लेकर कोई प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इससे रोजाना सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
समन्वय समिति ने चेतावनी दी है कि यदि गावर कंपनी को तुरंत सड़क व्यवस्था दुरुस्त करने और एनएचएआई को फोरलेन की खतरनाक अलाइनमेंट सुधारने के सख्त निर्देश जारी नहीं किए गए तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी सड़क दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की होगी।
बॉक्स
हाईवे की मरम्मत के लिए निर्माण कंपनी को समय-समय पर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। टायरिंग वर्क के बाद समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
— सुरजीत सिंह, एसडीएम पधर
Trending Videos
महेंद्र गुलेरिया ने बताया कि बेतरतीब कटिंग, अवैज्ञानिक अलाइनमेंट और बिना ठोस योजना के किए जा रहे निर्माण कार्य के कारण फोरलेन सड़क सांप की तरह टेढ़ी-मेढ़ी बन गई है। द्रंग और माणा क्षेत्रों में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं। सड़क पर कीचड़, गड्ढे और जगह-जगह धंसान की स्थिति है, जिससे सूखे मौसम में भी वाहन दलदल में फंस रहे हैं। गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति ने आरोप लगाया कि हालात गंभीर होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। न तो निर्माण कंपनी को यातायात व्यवस्था सुधारने के ठोस निर्देश दिए जा रहे हैं और न ही आम जनता की सुरक्षा को लेकर कोई प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इससे रोजाना सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
समन्वय समिति ने चेतावनी दी है कि यदि गावर कंपनी को तुरंत सड़क व्यवस्था दुरुस्त करने और एनएचएआई को फोरलेन की खतरनाक अलाइनमेंट सुधारने के सख्त निर्देश जारी नहीं किए गए तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी सड़क दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की होगी।
बॉक्स
हाईवे की मरम्मत के लिए निर्माण कंपनी को समय-समय पर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। टायरिंग वर्क के बाद समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
— सुरजीत सिंह, एसडीएम पधर