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Mandi News: पीएचसी कर दिया सिविल, घटा दिया स्टाफ, न हो रहे अल्ट्रासाउंड
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टिहरा (मंडी)। प्रदेश सरकार के घर-द्वार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मरीजों को दूरदराज के अस्पतालों में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कारनामा है कि टिहरा अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया लेकिन सुविधाओं में कमी कर दी गई। इसे पीएचसी (प्राथमिक हेल्थ सेंटर) से सिविल का दर्जा दिया गया है। पीएचसी में चिकित्सकों के चार पद स्वीकृत थे। सिविल बनने के बाद चिकित्सकों के 12 पद भरे जाने थे लेकिन वर्तमान में दो ही चिकित्सक तैनात है।
बिडंबना यह है कि सिविल अस्पताल में न अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं और न ही एक्सरे। इसके चलते मरीजों और तीमारदार को नेरचौक, मंडी, हमीरपुर सहित निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी बख्शी राम, सुरेश कुमार, नवीन, रतन चंद, कौशल्या देवी, ललिता, प्रोमिला, प्रेमलता, प्रेमी देवी आदि ने बताया कि अस्पताल भवन पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। बावजूद अस्पताल में असुविधाओं का आलम है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की है कि नागरिक अस्पताल टिहरा में चिकित्सकों की तैनाती के साथ पर्याप्त स्टॉफ दिया जाए, ताकि लोगों को बेहतर उपचार मिले। यहां विभिन्न टेस्ट सुविधा भी मुहैया करवाई जाए।
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चिकित्सकों की तैनाती और टेस्ट सुविधा को लेकर समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के आला आलाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। सारी स्थिति से सरकार अवगत है। स्वीकृति मिलने पर ही स्टॉफ की तैनाती हो सकेगी।
-डॉ. धर्मपाल, बीएमओ संधोल
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स्वास्थ्य विभाग का कारनामा है कि टिहरा अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया लेकिन सुविधाओं में कमी कर दी गई। इसे पीएचसी (प्राथमिक हेल्थ सेंटर) से सिविल का दर्जा दिया गया है। पीएचसी में चिकित्सकों के चार पद स्वीकृत थे। सिविल बनने के बाद चिकित्सकों के 12 पद भरे जाने थे लेकिन वर्तमान में दो ही चिकित्सक तैनात है।
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बिडंबना यह है कि सिविल अस्पताल में न अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं और न ही एक्सरे। इसके चलते मरीजों और तीमारदार को नेरचौक, मंडी, हमीरपुर सहित निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी बख्शी राम, सुरेश कुमार, नवीन, रतन चंद, कौशल्या देवी, ललिता, प्रोमिला, प्रेमलता, प्रेमी देवी आदि ने बताया कि अस्पताल भवन पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। बावजूद अस्पताल में असुविधाओं का आलम है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की है कि नागरिक अस्पताल टिहरा में चिकित्सकों की तैनाती के साथ पर्याप्त स्टॉफ दिया जाए, ताकि लोगों को बेहतर उपचार मिले। यहां विभिन्न टेस्ट सुविधा भी मुहैया करवाई जाए।
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चिकित्सकों की तैनाती और टेस्ट सुविधा को लेकर समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के आला आलाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। सारी स्थिति से सरकार अवगत है। स्वीकृति मिलने पर ही स्टॉफ की तैनाती हो सकेगी।
-डॉ. धर्मपाल, बीएमओ संधोल
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