{"_id":"697ba40b7b289c51be01fa4e","slug":"relief-for-women-in-dharta-area-him-bus-cards-being-made-door-to-door-mandi-news-c-90-1-ssml1045-184135-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: धाड़ता क्षेत्र में महिलाओं को राहत, घर-द्वार बन रहे हिम बस कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: धाड़ता क्षेत्र में महिलाओं को राहत, घर-द्वार बन रहे हिम बस कार्ड
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकाघाट (मंडी)। धाड़ता क्षेत्र से संबंध रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद भारद्वाज महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर उनके घर-द्वार जाकर हिम बस कार्ड बनवाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इस पहल से महिलाओं के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है, वहीं उन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की योजना की पूरी जानकारी भी सीधे घर पर मिल रही है।
रमेश चंद भारद्वाज ने वीरवार को रसैण गलू क्षेत्र में पहुंचकर 20 से अधिक महिलाओं के हिम बस कार्ड बनवाए। स्थानीय महिलाओं विद्या देवी, रूपा देवी, मीना कुमारी, अनीता देवी, कृष्णी देवी, सुषमा देवी, कमला देवी, शीला देवी सहित अन्य ने बताया कि घर-घर जाकर कार्ड बनने से उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
महिलाओं ने इस योजना का स्वागत करते हुए मांग की कि हिम बस कार्ड धारक महिलाओं को न्यूनतम किराए में भी छूट दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि कई बार दो-तीन मोड़ की यात्रा के लिए भी 10 रुपये तक किराया देना पड़ता है, जिससे कामकाजी महिलाओं को परेशानी होती है और वे बस सेवा का कम उपयोग करती हैं।
इस मांग का समर्थन करते हुए रमेश चंद भारद्वाज ने एचआरटीसी से आग्रह किया कि हिम बस कार्ड धारक महिलाओं को न्यूनतम किराए में भी छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे जहां महिलाओं को राहत मिलेगी, वहीं एचआरटीसी की आय बढ़ने की भी संभावना है।
Trending Videos
रमेश चंद भारद्वाज ने वीरवार को रसैण गलू क्षेत्र में पहुंचकर 20 से अधिक महिलाओं के हिम बस कार्ड बनवाए। स्थानीय महिलाओं विद्या देवी, रूपा देवी, मीना कुमारी, अनीता देवी, कृष्णी देवी, सुषमा देवी, कमला देवी, शीला देवी सहित अन्य ने बताया कि घर-घर जाकर कार्ड बनने से उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं ने इस योजना का स्वागत करते हुए मांग की कि हिम बस कार्ड धारक महिलाओं को न्यूनतम किराए में भी छूट दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि कई बार दो-तीन मोड़ की यात्रा के लिए भी 10 रुपये तक किराया देना पड़ता है, जिससे कामकाजी महिलाओं को परेशानी होती है और वे बस सेवा का कम उपयोग करती हैं।
इस मांग का समर्थन करते हुए रमेश चंद भारद्वाज ने एचआरटीसी से आग्रह किया कि हिम बस कार्ड धारक महिलाओं को न्यूनतम किराए में भी छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे जहां महिलाओं को राहत मिलेगी, वहीं एचआरटीसी की आय बढ़ने की भी संभावना है।