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Mandi News: क्षतिग्रस्त हाइड्रोलिक बेड की होने लगी मरम्मत, मिलेगी सुविधा
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एमसीएच के गायनी वार्ड के 30 बेड किए जा रहे दुरुस्त
आरकेएस के तहत अस्पताल प्रबंधन ने शुरू करवाया मरम्मत कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) में लंबे समय से खराब पड़े हाइड्रोलिक बेडों की मरम्मत शुरू हो गई है। रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में 30 बेडों की मरम्मत का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद स्थानीय कारीगरों की मदद से काम शुरू किया गया। गायनी और आपातकालीन वार्ड के कुछ बेड भी ठीक किए गए हैं। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में आधुनिक हाइड्रोलिक बेड मरीजों की सुविधा के लिए लगाए गए हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार ऊपर-नीचे किया जा सकता है। इनमें नीचे ड्रॉज की सुविधा भी है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अधिकतर बेड तीमारदारों के बैठने से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे हाइड्रोलिक सिस्टम खराब हो जाता है। इसी कारण वार्डों में चेतावनी लगाई गई है और मरीज के बेड पर बैठने पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। सीएमओ डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि आरकेएस के माध्यम से मरम्मत कर मरीजों की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है और तीमारदारों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
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आरकेएस के तहत अस्पताल प्रबंधन ने शुरू करवाया मरम्मत कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) में लंबे समय से खराब पड़े हाइड्रोलिक बेडों की मरम्मत शुरू हो गई है। रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में 30 बेडों की मरम्मत का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद स्थानीय कारीगरों की मदद से काम शुरू किया गया। गायनी और आपातकालीन वार्ड के कुछ बेड भी ठीक किए गए हैं। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में आधुनिक हाइड्रोलिक बेड मरीजों की सुविधा के लिए लगाए गए हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार ऊपर-नीचे किया जा सकता है। इनमें नीचे ड्रॉज की सुविधा भी है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अधिकतर बेड तीमारदारों के बैठने से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे हाइड्रोलिक सिस्टम खराब हो जाता है। इसी कारण वार्डों में चेतावनी लगाई गई है और मरीज के बेड पर बैठने पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। सीएमओ डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि आरकेएस के माध्यम से मरम्मत कर मरीजों की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है और तीमारदारों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
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