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Mandi News: वन संपदा की चोरी, आपराधिक साजिश में छह लोग दोषी करार
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मंडी। मंडी की एक अदालत ने वर्ष 2014 के एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए छह व्यक्तियों को वन संपदा की चोरी, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की ओर से सुनाए गए फैसले में वीरेंद्र कुमार, मोहन सिंह, गोविंद राम, भगत राम, अमर सिंह और बलवंत सिंह को वन संपदा की चोरी, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी करार दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 जनवरी 2014 को मंडी के बिंद्राबणी स्थित वन विभाग की चेक पोस्ट पर पुलिस और वन विभाग की टीम तैनात थी। सुबह करीब 6:30 बजे पंडोह की ओर से एक बोलेरो पिकअप आई। जब टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे भगाया और वन विभाग के बैरियर को टक्कर मार दी। इस टक्कर से बैरियर का खंभा झुक गया। इसके तुरंत बाद पीछे से एक आल्टो कार आई, वह भी रुकने का इशारा पाकर मौके से भाग गई। पुलिस ने पीछा कर दोनों गाड़ियों को सौली खड्ड के पास धर दबोचा।
तलाशी के दौरान बोलेरो पिकअप से अखरोट की छाल के 16 बोरे और देवदार के तीन स्लीपर बरामद हुए। आल्टो कार से अखरोट की छाल के 4 बोरे मिले। आरोपी वन उत्पादों का कोई वैध परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर सके। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोनों वाहनों का एक साथ चलना और पुलिस के रोकने पर भागना एक पूर्व-नियोजित आपराधिक साजिश को दर्शाता है। बैरियर को टक्कर मारना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की जान जोखिम में डालने वाला लापरवाही भरा कृत्य था तथा बिना अनुमति वन संपदा ले जाना चोरी और वन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। अदालत ने सभी 11 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर माना कि अभियोजन पक्ष अपना मामला संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। दोषी करार दिए जाने के बाद अब अदालत सजा की अवधि पर फैसला सुनाएगी। संवाद
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 जनवरी 2014 को मंडी के बिंद्राबणी स्थित वन विभाग की चेक पोस्ट पर पुलिस और वन विभाग की टीम तैनात थी। सुबह करीब 6:30 बजे पंडोह की ओर से एक बोलेरो पिकअप आई। जब टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे भगाया और वन विभाग के बैरियर को टक्कर मार दी। इस टक्कर से बैरियर का खंभा झुक गया। इसके तुरंत बाद पीछे से एक आल्टो कार आई, वह भी रुकने का इशारा पाकर मौके से भाग गई। पुलिस ने पीछा कर दोनों गाड़ियों को सौली खड्ड के पास धर दबोचा।
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तलाशी के दौरान बोलेरो पिकअप से अखरोट की छाल के 16 बोरे और देवदार के तीन स्लीपर बरामद हुए। आल्टो कार से अखरोट की छाल के 4 बोरे मिले। आरोपी वन उत्पादों का कोई वैध परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर सके। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोनों वाहनों का एक साथ चलना और पुलिस के रोकने पर भागना एक पूर्व-नियोजित आपराधिक साजिश को दर्शाता है। बैरियर को टक्कर मारना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की जान जोखिम में डालने वाला लापरवाही भरा कृत्य था तथा बिना अनुमति वन संपदा ले जाना चोरी और वन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। अदालत ने सभी 11 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर माना कि अभियोजन पक्ष अपना मामला संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। दोषी करार दिए जाने के बाद अब अदालत सजा की अवधि पर फैसला सुनाएगी। संवाद
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