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शिक्षक परीक्षाएं करवाएं या सीबीएसई पेपर मूल्यांकन : संघ
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पेपर मूल्यांकन ड्यूटी पर बिफरे शिक्षक, रद्द करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सीबीएसई बोर्ड की ओर से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी पेपर मूल्यांकन में लगाने पर हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने एतराज जताया है। संघ के जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान पुनीत प्रभाकर शर्मा ने बताया कि जिला मंडी के विभिन्न विद्यालय सीबीएसई से संबद्ध किए गए हैं। विद्यालयों के शिक्षक परीक्षाओं को आयोजित करें या फिर सीबीएसई पेपर मूल्यांकन करें। शिक्षकों को ई मेल के माध्यम व फोन के माध्यम से जानकारी दी जा रही है कि उनकी ड्यूटी सीबीएसई पेपर मूल्यांकन में लगी है।
कहा कि अब यह प्रश्न उठता है कि अध्यापक अभी तक हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबंधित विद्यालयों में ही कार्य कर रहे हैं तथा इन्हें सीबीएसई पेपर मूल्यांकन का कोई प्रशिक्षण नहीं है। एक तरफ विभाग इन सीबीएसई संबद्धता वाले विद्यालयों में कार्य कर रहे स्टाफ को टेस्ट के माध्यम से मूल्यांकन करके इन विद्यालय में रखना चाहती है, दूसरी तरफ इन शिक्षकों को सीबीएसई के लिए बिल्कुल योग्य मानकर इनकी ड्यूटी पेपर मूल्यांकन के लिए लगाई जा रही है।
कहा कि 3 मार्च से इन सभी विद्यालयों में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10 वीं व जमा दो की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। अधिकतर स्टाफ इन परीक्षाओं में भूमिका निभाएगा और दूसरी तरफ स्टाफ की ड्यूटी सीबीएसई पेपर मूल्यांकन में लगाई जा रही है। मांग की है कि इन विद्यालयों में विभिन्न अध्यापकों की सीबीएसई पेपर मूल्यांकन की ड्यूटी को रद्द किया जाए। इस असमंजस की स्थिति में न तो परीक्षाएं ढंग से हो पाएंगी और न ही पेपर मूल्यांकन ढंग से हो पाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सीबीएसई बोर्ड की ओर से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी पेपर मूल्यांकन में लगाने पर हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने एतराज जताया है। संघ के जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान पुनीत प्रभाकर शर्मा ने बताया कि जिला मंडी के विभिन्न विद्यालय सीबीएसई से संबद्ध किए गए हैं। विद्यालयों के शिक्षक परीक्षाओं को आयोजित करें या फिर सीबीएसई पेपर मूल्यांकन करें। शिक्षकों को ई मेल के माध्यम व फोन के माध्यम से जानकारी दी जा रही है कि उनकी ड्यूटी सीबीएसई पेपर मूल्यांकन में लगी है।
कहा कि अब यह प्रश्न उठता है कि अध्यापक अभी तक हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबंधित विद्यालयों में ही कार्य कर रहे हैं तथा इन्हें सीबीएसई पेपर मूल्यांकन का कोई प्रशिक्षण नहीं है। एक तरफ विभाग इन सीबीएसई संबद्धता वाले विद्यालयों में कार्य कर रहे स्टाफ को टेस्ट के माध्यम से मूल्यांकन करके इन विद्यालय में रखना चाहती है, दूसरी तरफ इन शिक्षकों को सीबीएसई के लिए बिल्कुल योग्य मानकर इनकी ड्यूटी पेपर मूल्यांकन के लिए लगाई जा रही है।
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कहा कि 3 मार्च से इन सभी विद्यालयों में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10 वीं व जमा दो की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। अधिकतर स्टाफ इन परीक्षाओं में भूमिका निभाएगा और दूसरी तरफ स्टाफ की ड्यूटी सीबीएसई पेपर मूल्यांकन में लगाई जा रही है। मांग की है कि इन विद्यालयों में विभिन्न अध्यापकों की सीबीएसई पेपर मूल्यांकन की ड्यूटी को रद्द किया जाए। इस असमंजस की स्थिति में न तो परीक्षाएं ढंग से हो पाएंगी और न ही पेपर मूल्यांकन ढंग से हो पाएगा।