Himachal: मुकेश अग्निहोत्री बोले- हिमाचल में रेल विस्तार के लिए केंद्र सरकार दे विशेष सहयोग
हिमाचल प्रदेश की प्रमुख रेल परियोजनाओं को विशेष वित्तीय सहयोग प्रदान करने तथा भानुपल्ली-बिलासपुर, चंडीगढ़-बद्दी और ऊना-हमीरपुर रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश की प्रमुख रेल परियोजनाओं को विशेष वित्तीय सहयोग प्रदान करने तथा भानुपल्ली-बिलासपुर, चंडीगढ़-बद्दी और ऊना-हमीरपुर रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य के समग्र विकास के लिए रेल और हवाई संपर्क को सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है तथा भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार को हिमाचल प्रदेश के प्रति विशेष सहयोग का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किए गए अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन का किया शुभारंभ इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर से वर्चुअल माध्यम के जरिए देशभर के 75 पुनर्विकसित अमृत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया, जिनमें अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन भी शामिल है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक स्वरूप में विकसित हुआ अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन ऊना जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेशन यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराएगा। वर्ष 2011 में रेलवे स्टेशन का दर्जा मिलने के बाद यह क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। वर्तमान में यहां से प्रतिदिन पांच ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिससे ऊना सहित आसपास के जिलों के हजारों यात्रियों को लाभ मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत लगभग एक हजार करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 13,446 करोड़ रुपये हो गई है। प्रदेश सरकार इस परियोजना में लगभग 847 करोड़ रुपये का अंशदान दे चुकी है। उन्होंने आग्रह किया कि राज्य सरकार के इस अंश को वन टाइम ग्रांट के रूप में स्वीकार करते हुए बिलासपुर से आगे रेल लाइन निर्माण का पूरा व्यय केंद्र सरकार वहन करे।
उन्होंने बताया कि 38 किलोमीटर लंबी चंडीगढ़-बद्दी रेल परियोजना में प्रदेश सरकार लगभग 348 करोड़ रुपये का योगदान दे चुकी है। उन्होंने इस राशि को भी वन टाइम ग्रांट के रूप में स्वीकार करने तथा परियोजना के शेष कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उपमुख्यमंत्री ने ऊना-हमीरपुर रेल परियोजना को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि लगभग 40 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति देगी।
उन्होंने कहा कि अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन का नाम माता श्री चिंतपूर्णी के नाम से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने उत्तर रेलवे के अधिकारियों से रेलवे स्टेशन परिसर में माता श्री चिंतपूर्णी का प्रतीक चिन्ह स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जैजों-पोलियां-मेहतपुर रेललाइन प्रदेश के औद्योगिक विकास, विशेषकर प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए वह जल्द ही प्रधानमंत्री से भेंट करेंगे। इस अवसर पर चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, पूर्व विधायक बलबीर चौधरी और चैतन्य शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणजीत सिंह राणा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र, नगर पंचायत अंब की अध्यक्ष अनुसूइया देवी, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, उत्तर रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सीसीएम) अंशुमन कुमार सहित रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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