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Himachal: सड़क, रास्ता और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर ही हो सकेगी प्लॉट रजिस्ट्री, नई व्यवस्था लागू होगी

Tue, 04 Aug 2026 06:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 04 Aug 2026 06:15 AM IST
सार

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने लोगों की सहूलियत के लिए यह मामला राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष उठाया है। इस संबंध में दोनों मंत्रियों और अधिकारियों के बीच जल्द बैठक होगी। बैठक के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

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Plot registry will be possible only if roads, paths and basic amenities are available
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) क्षेत्रों में अब सड़क, रास्ता और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर ही प्लॉट की रजिस्ट्री हो सकेगी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने लोगों की सहूलियत के लिए यह मामला राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष उठाया है। इस संबंध में दोनों मंत्रियों और अधिकारियों के बीच जल्द बैठक होगी। बैठक के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी। वर्तमान में लोग तहसीलदार या नायब तहसीलदार के माध्यम से सीधे प्लॉट की रजिस्ट्री करा लेते हैं। हालांकि, कई मामलों में प्लॉट तक पहुंचने के लिए सड़क या रास्ते निर्धारित नहीं होते। बाद में जब वहां कॉलोनियां विकसित होती हैं तो सड़क, रास्ते, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक हो जाता है। यदि किसी प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता नहीं है तो टीसीपी विभाग भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं कर पाता। इससे लोगों को नक्शा पास कराने में परेशानी होती है। इसी समस्या को देखते हुए नई व्यवस्था लाने की तैयारी की जा रही है।

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यह व्यवस्था केवल प्लॉट की खरीद-बिक्री के मामलों पर लागू होगी। सरकार का मानना है कि बिना नियोजन के छोटे-छोटे प्लॉट बेचने से बाद में भवन निर्माण के दौरान लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता नहीं होता, जबकि कहीं सड़क, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता है। ऐसे मामलों में टीसीपी विभाग भवन निर्माण के नक्शे स्वीकृत नहीं कर पाता, जिससे खरीदारों को आर्थिक और कानूनी दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

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नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्लॉट खरीदने वालों को भवन निर्माण की अनुमति लेने में आसानी होगी। टीसीपी विभाग पहले ही यह सुनिश्चित करेगा कि संबंधित भूमि नियमानुसार विकसित की गई है और सभी आवश्यक मानकों का पालन किया गया है। इससे अवैध प्लॉटिंग और अनियोजित निर्माण पर भी प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य आम लोगों के हितों की रक्षा करना और टीसीपी क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना है। विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने में जुटा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टीसीपी क्षेत्रों में प्लॉट की खरीद-बिक्री अधिक पारदर्शी होगी और भविष्य में भवन निर्माण से जुड़े विवादों में भी कमी आने की संभावना है।

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अब जमीन का विभाजन (सब-डिवीजन) कराने के साथ बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर ही प्लॉट की रजिस्ट्री करने का प्रस्ताव है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए यह मामला राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से उठाया गया है। जल्द इसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा। -राजेश धर्माणी, टीसीपी मंत्री, हिमाचल सरकार

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