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Rampur Bushahar News: सूखे के कारण कैंकर रोग की चपेट में आ रहे सेब के बगीचे
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लंबे समय से सूखे के चलते कैंकर रोग की चपेट में आए सेब के पेड़। संवाद
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मौसम की बेरुखी से रामपुर के निचले सेब बहुल क्षेत्रों के बागवान परेशान
लगातार चल रहे सूखे से जमीन से नमी गायब, नए पौधे भी आ रहे सूखे की चपेट में
हर साल मौसम में आए बदलाव से संकट में युवाओं का बागवानी भविष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। कई साल से मौसम में आ रहे बदलाव के कारण बागवानी पर संकट मंडरा रहा है। जो युवा बागवानी में अपना भविष्य देख रहे हैं, उनके रास्ते में मौसम बाधा बन रहा है। सूखे के कारण सेब के पेड़ कैंकर रोग की चपेट में आ रहे हैं। मौसम की बेरुखी से रामपुर उपमंडल के निचले सेब बहुल क्षेत्रों में बागवानों की दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं। लगातार चल रहे सूखे से जमीन में पर्याप्त नमी न होने के कारण नए पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उपमंडल रामपुर के निचले क्षेत्रों छलावट, चिरला और मसारना समेत शलाटी घोड़ी में सूखे के कारण सेब के पेड़ों में कैंकर रोग तेजी से फैल रहा है। इससे तने और शाखाओं पर गहरे घाव हो रहे हैं और फिर यह घाव सूख रहे हैं। लंबे समय तक बारिश और बर्फबारी न होने के कारण यह स्थिति बनी है, जो इस सीजन की पैदावार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। बागवानों को अपने सेब के पेड़ों को कैंकर रोग से बचाना चुनौती बना हुआ है। मौसम के बदलाव के कारण अब यह बीमारी बगीचों में आम हो गई है, जो पेड़ को अंदर से कमजोर कर देती है। इसमें मुख्य तने की छाल फटने लगती है और धंसे हुए घाव बन जाते हैं। वहीं, लंबे समय तक सूखा, प्रूनिंग के दौरान बरती गई लापरवाही और पौधों का सही प्रबंधन न होना भी प्रमुख कारण हैं। बागवानों में हेम राज, कुंभ दास, सुधीर, उत्तम सिंह, संजीव और विकास ने कहा कि कई साल से मौसम में आए बदलाव के कारण कैंकर रोग की समस्या बढ़ रही है। सर्दियों में बर्फबारी और पर्याप्त बारिश न होने से सेब के बगीचों में कैंकर रोग तेजी से फैल रहा है। इस पर नियंत्रण करना चुनौती बना हुआ है। प्रतिकूल मौसम के कारण बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, युवा बागवानों का कहना है कि बागवानी में भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। वर्षों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
चुना और पेस्ट लगाएं
बागवानी विभाग रामपुर के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संजय चौहान ने कहा कि संक्रमित तने और शाखाओं की खाल को छीलकर चुना और पेस्ट लगाएं। इससे रोग की रोकथाम होगी।
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लगातार चल रहे सूखे से जमीन से नमी गायब, नए पौधे भी आ रहे सूखे की चपेट में
हर साल मौसम में आए बदलाव से संकट में युवाओं का बागवानी भविष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। कई साल से मौसम में आ रहे बदलाव के कारण बागवानी पर संकट मंडरा रहा है। जो युवा बागवानी में अपना भविष्य देख रहे हैं, उनके रास्ते में मौसम बाधा बन रहा है। सूखे के कारण सेब के पेड़ कैंकर रोग की चपेट में आ रहे हैं। मौसम की बेरुखी से रामपुर उपमंडल के निचले सेब बहुल क्षेत्रों में बागवानों की दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं। लगातार चल रहे सूखे से जमीन में पर्याप्त नमी न होने के कारण नए पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उपमंडल रामपुर के निचले क्षेत्रों छलावट, चिरला और मसारना समेत शलाटी घोड़ी में सूखे के कारण सेब के पेड़ों में कैंकर रोग तेजी से फैल रहा है। इससे तने और शाखाओं पर गहरे घाव हो रहे हैं और फिर यह घाव सूख रहे हैं। लंबे समय तक बारिश और बर्फबारी न होने के कारण यह स्थिति बनी है, जो इस सीजन की पैदावार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। बागवानों को अपने सेब के पेड़ों को कैंकर रोग से बचाना चुनौती बना हुआ है। मौसम के बदलाव के कारण अब यह बीमारी बगीचों में आम हो गई है, जो पेड़ को अंदर से कमजोर कर देती है। इसमें मुख्य तने की छाल फटने लगती है और धंसे हुए घाव बन जाते हैं। वहीं, लंबे समय तक सूखा, प्रूनिंग के दौरान बरती गई लापरवाही और पौधों का सही प्रबंधन न होना भी प्रमुख कारण हैं। बागवानों में हेम राज, कुंभ दास, सुधीर, उत्तम सिंह, संजीव और विकास ने कहा कि कई साल से मौसम में आए बदलाव के कारण कैंकर रोग की समस्या बढ़ रही है। सर्दियों में बर्फबारी और पर्याप्त बारिश न होने से सेब के बगीचों में कैंकर रोग तेजी से फैल रहा है। इस पर नियंत्रण करना चुनौती बना हुआ है। प्रतिकूल मौसम के कारण बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, युवा बागवानों का कहना है कि बागवानी में भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। वर्षों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
चुना और पेस्ट लगाएं
बागवानी विभाग रामपुर के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संजय चौहान ने कहा कि संक्रमित तने और शाखाओं की खाल को छीलकर चुना और पेस्ट लगाएं। इससे रोग की रोकथाम होगी।
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