आनी (कुल्लू)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नम्होंग में ई-कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को ईश्-कचरे से होने वाले नुकसान, उचित निपटान और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के उपायों की जानकारी दी गई। ईको क्लब के प्रभारी शिक्षक राम दयाल ने बताया कि मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, बैटरी और चार्जर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने के बाद ई-कचरे का रूप ले लेते हैं। यदि इनका उचित निपटान नहीं किया जाए, तो इनमें मौजूद हानिकारक पदार्थ मिट्टी और जल को प्रदूषित कर सकते हैं। इससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ई-कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने, पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का दोबारा उपयोग करने और अनुपयोगी उपकरणों को अधिकृत ई-कचरा संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ई-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही ई-कचरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से ई-कचरे के उचित प्रबंधन को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करने और परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।