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Rampur Bushahar News: सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहे उच्च व प्राथमिक स्कूल बजाथल
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शिक्षकों के कमी से जूझ रहे दोनों स्कूल, विद्यार्थियों का भविष्य हो रहा प्रभावित
10 वर्ष से टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल के पद पड़े रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा
(रोहड़ू)। नेरवा तहसील के बजाथल गांव में स्थित राजकीय हाई स्कूल व प्राइमरी स्कूल सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है। स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। गढ़ा पंचायत के पूर्व उपप्रधान दिनेश घूंटा ने बताया है कि प्राथमिक पाठशाला बजाथल में शिक्षकों के चार पद स्वीकृत हैं, जिनमें से एक पद पहले से रिक्त पड़ा था। यहां के हेड टीचर 6 महीने पहले सेवानिवृत्त हो गए हैं। इसके बाद उनके स्थान पर भी किसी को नहीं भेजा गया है। अब मात्र दो अध्यापकों पर पांच कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी आ गई है। राजकीय उच्च विद्यालय बजाथल में लगभग 10 वर्षों से टीजीटी मेडिकल व टीजीटी नॉन मेडिकल के पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते इन विषयों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी दूसरे स्कूलों का रुख करने पर मजबूर हैं। निकटवर्ती स्कूल नेरवा बजाथल से 7 किलोमीटर दूर है और ऊपर से नेरवा जाने के लिए कोई बस सेवा भी उपलब्ध नहीं है। इससे विशेषकर लड़कियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। दिनेश घूंटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से दोनों स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का आग्रह किया है।
10 वर्ष से टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल के पद पड़े रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा
(रोहड़ू)। नेरवा तहसील के बजाथल गांव में स्थित राजकीय हाई स्कूल व प्राइमरी स्कूल सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है। स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। गढ़ा पंचायत के पूर्व उपप्रधान दिनेश घूंटा ने बताया है कि प्राथमिक पाठशाला बजाथल में शिक्षकों के चार पद स्वीकृत हैं, जिनमें से एक पद पहले से रिक्त पड़ा था। यहां के हेड टीचर 6 महीने पहले सेवानिवृत्त हो गए हैं। इसके बाद उनके स्थान पर भी किसी को नहीं भेजा गया है। अब मात्र दो अध्यापकों पर पांच कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी आ गई है। राजकीय उच्च विद्यालय बजाथल में लगभग 10 वर्षों से टीजीटी मेडिकल व टीजीटी नॉन मेडिकल के पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते इन विषयों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी दूसरे स्कूलों का रुख करने पर मजबूर हैं। निकटवर्ती स्कूल नेरवा बजाथल से 7 किलोमीटर दूर है और ऊपर से नेरवा जाने के लिए कोई बस सेवा भी उपलब्ध नहीं है। इससे विशेषकर लड़कियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। दिनेश घूंटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से दोनों स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का आग्रह किया है।