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Rampur Bushahar News: चंडीगढ़ के चिट्टा तस्कर की जमानत याचिका खारिज
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आरोपी पर दर्ज हो चुके हैं 12 मामले, एक में दोषी भी
अदालत ने कहा, आरोपी ने पिछले मामले में मिली जमानत का दुरुपयोग किया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित विशेष न्यायाधीश-II किन्नौर की अदालत ने चंडीगढ़ के चिट्टा तस्कर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत में दाखिल की गई पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि इस आरोपी पर 12 मामले दर्ज हो चुके हैं। एक मामले में दोषी भी करार दिया गया है। जमानत के आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी ने पिछले मामले में मिली जमानत का दुरुपयोग किया। इस कारण वर्तमान याचिका भी खारिज की जाती है। आरोपी संजय, निवासी मौली जागरण कॉलोनी, चंडीगढ़ ने जमानत के लिए आवेदन किया था। तर्क दिया था कि वह निर्दोष है। उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। आरोपी से हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। राज्य की ओर से जमानत आवेदन के खिलाफ रिपोर्ट दाखिल की गई, जिसमें बताया गया है कि 11 मार्च को पुलिस की टीम ने रात लगभग 8:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच पर चील मोड़ के पास राहुल लारजू, शुभम खन्ना और विकास मिंज नाम के व्यक्ति से 12.36 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। तीनों को गिरफ्तार कर रामपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक आरोपी ने बताया कि चिट्टा चंडीगढ़ के संजय से खरीदा था। पुलिस ने संजय और अन्य आरोपियों के बैंक रिकॉर्ड हासिल किए। लेन-देन के लिए आवेदक ने व्हाट्सएप ऑडियो कॉल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद संजय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जमानत के आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने टिप्पणी की है कि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि आवेदक का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। एक बात और स्पष्ट है कि आवेदक एक मामले में दोषी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक और मामला भी लंबित है। यह माना जा सकता है कि जब आवेदक अपने पिछले एनडीपीएस अधिनियम के मामले में जमानत पर था, तो उसने अपनी इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अनुचित लाभ उठाया। आरोपी ने पिछले एनडीपीएस मामलों में उसे दी गई जमानत की शर्तों और नियमों का पहले ही दुरुपयोग किया है। उसके कृत्य और आचरण जमानत देने के योग्य नहीं हैं। इन कारणों से, न्यायालय जमानत देने के पक्ष में नहीं है। जमानत याचिका खारिज की जाती है।
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अदालत ने कहा, आरोपी ने पिछले मामले में मिली जमानत का दुरुपयोग किया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित विशेष न्यायाधीश-II किन्नौर की अदालत ने चंडीगढ़ के चिट्टा तस्कर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत में दाखिल की गई पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि इस आरोपी पर 12 मामले दर्ज हो चुके हैं। एक मामले में दोषी भी करार दिया गया है। जमानत के आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी ने पिछले मामले में मिली जमानत का दुरुपयोग किया। इस कारण वर्तमान याचिका भी खारिज की जाती है। आरोपी संजय, निवासी मौली जागरण कॉलोनी, चंडीगढ़ ने जमानत के लिए आवेदन किया था। तर्क दिया था कि वह निर्दोष है। उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। आरोपी से हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। राज्य की ओर से जमानत आवेदन के खिलाफ रिपोर्ट दाखिल की गई, जिसमें बताया गया है कि 11 मार्च को पुलिस की टीम ने रात लगभग 8:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच पर चील मोड़ के पास राहुल लारजू, शुभम खन्ना और विकास मिंज नाम के व्यक्ति से 12.36 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। तीनों को गिरफ्तार कर रामपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक आरोपी ने बताया कि चिट्टा चंडीगढ़ के संजय से खरीदा था। पुलिस ने संजय और अन्य आरोपियों के बैंक रिकॉर्ड हासिल किए। लेन-देन के लिए आवेदक ने व्हाट्सएप ऑडियो कॉल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद संजय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जमानत के आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने टिप्पणी की है कि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि आवेदक का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। एक बात और स्पष्ट है कि आवेदक एक मामले में दोषी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक और मामला भी लंबित है। यह माना जा सकता है कि जब आवेदक अपने पिछले एनडीपीएस अधिनियम के मामले में जमानत पर था, तो उसने अपनी इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अनुचित लाभ उठाया। आरोपी ने पिछले एनडीपीएस मामलों में उसे दी गई जमानत की शर्तों और नियमों का पहले ही दुरुपयोग किया है। उसके कृत्य और आचरण जमानत देने के योग्य नहीं हैं। इन कारणों से, न्यायालय जमानत देने के पक्ष में नहीं है। जमानत याचिका खारिज की जाती है।