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संविदा कर्मचारियों के साथ हो रहा भेदभाव, अधिकारों से रखा जा रहा वंचित : गुरदास
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झाकड़ी में परियोजना प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते मजदूर। स्रोत : सीटू
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नाथपा-झाकड़ी के ठेका मजदूरों ने तीसरे दिन भी परियोजना प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा
. मजदूरों की आवाज दबाने का हो रहा प्रयास, मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा-झाकड़ी परियोजना प्रबंधन के खिलाफ परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने तीसरे दिन भी झाकड़ी में विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों ने अपनी मांगों और परियोजना प्रबंधन की ओर से की जा रही अनदेखी को लेकर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। सीटू ने चेताया है कि जब तक मजदूरों की मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। एसजेवीएन की 1500 मेगावाट परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं, लेकिन प्रबंधन और अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी प्रकार की सकारात्मक बातचीत शुरू नहीं की गई है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पावर हाउस अध्यक्ष गुरदास ने कहा कि परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। समान कार्य करने के बावजूद मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन मजदूरों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें बार-बार परेशान करने का काम कर रहा है। सीटू यूनियन की ओर से प्रस्तुत मांग पत्र पर भी प्रबंधन कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है और न ही समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मजदूरों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। सीटू नेता एवं महासचिव कामराज ने कहा कि मजदूर लंबे समय से अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वार्ता शुरू नहीं की गई और मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रंजीत ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूरों की लड़ाई पूरी तरह न्यायोचित है और किसान सभा इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रबंधन को तुरंत वार्ता कर मांगों का समाधान करना चाहिए। धरने में मौजूद मजदूरों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया और प्रबंधन से शीघ्र वार्ता शुरू कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
. मजदूरों की आवाज दबाने का हो रहा प्रयास, मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा-झाकड़ी परियोजना प्रबंधन के खिलाफ परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने तीसरे दिन भी झाकड़ी में विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों ने अपनी मांगों और परियोजना प्रबंधन की ओर से की जा रही अनदेखी को लेकर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। सीटू ने चेताया है कि जब तक मजदूरों की मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। एसजेवीएन की 1500 मेगावाट परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं, लेकिन प्रबंधन और अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी प्रकार की सकारात्मक बातचीत शुरू नहीं की गई है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पावर हाउस अध्यक्ष गुरदास ने कहा कि परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। समान कार्य करने के बावजूद मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन मजदूरों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें बार-बार परेशान करने का काम कर रहा है। सीटू यूनियन की ओर से प्रस्तुत मांग पत्र पर भी प्रबंधन कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है और न ही समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मजदूरों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। सीटू नेता एवं महासचिव कामराज ने कहा कि मजदूर लंबे समय से अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वार्ता शुरू नहीं की गई और मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रंजीत ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूरों की लड़ाई पूरी तरह न्यायोचित है और किसान सभा इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रबंधन को तुरंत वार्ता कर मांगों का समाधान करना चाहिए। धरने में मौजूद मजदूरों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया और प्रबंधन से शीघ्र वार्ता शुरू कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।