{"_id":"6a0b131c1aab4117dc0b11cb","slug":"factionalism-begins-in-the-congress-camp-for-the-post-of-vice-president-in-chidgaon-nagar-panchayat-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-160566-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: चिड़गांव नगर पंचायत में उपाध्यक्ष के लिए कांग्रेस खेमे में गुटबाजी शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: चिड़गांव नगर पंचायत में उपाध्यक्ष के लिए कांग्रेस खेमे में गुटबाजी शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित, चिड़गांव नगर पंचायत में अध्यक्ष के लिए वार्ड-सात की कांता और वार्ड-तीन की पूनम दावेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। चिड़गांव नगर पंचायत के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर-सात से निर्वाचित कांता और वार्ड नंबर-तीन से जीत दर्ज करने वाली पूनम कुमारी सीट की दावेदार मानी जा रही हैं। नगर पंचायत में कुल सात सदस्य चुने गए हैं। इनमें से छह सदस्य कांग्रेस समर्थित हैं, जबकि एक सदस्य अन्य है। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस समर्थित खेमे का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर दावा मजबूत माना जा रहा है। हालांकि, अंदरखाते उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ समर्थकों के बीच ही लॉबिंग और गुटबाजी शुरू हो चुकी है। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अध्यक्ष पद के लिए अनुभव, संगठन से नजदीकी और क्षेत्रीय संतुलन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। दो महिलाओं की जीत को स्थानीय स्तर पर मजबूत जनसमर्थन का संकेत माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए किसी एक नाम पर सहमति बनाना आसान दिख रहा। वहीं, उपाध्यक्ष पद को लेकर भी कई चेहरे सक्रिय बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार समर्थकों ने अपने-अपने स्तर पर जोड़तोड़ और संपर्क अभियान शुरू कर दिए हैं। यदि कांग्रेस के भीतर सहमति नहीं बनती है, तो अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिड़गांव नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थकों का बहुमत होने के बावजूद सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक संतुलन बनाए रखने की रहेगी। आने वाले दिनों में अध्यक्ष से अधिक उपाध्यक्ष पद को लेकर होने वाले निर्णय स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। चिड़गांव नगर पंचायत के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर-सात से निर्वाचित कांता और वार्ड नंबर-तीन से जीत दर्ज करने वाली पूनम कुमारी सीट की दावेदार मानी जा रही हैं। नगर पंचायत में कुल सात सदस्य चुने गए हैं। इनमें से छह सदस्य कांग्रेस समर्थित हैं, जबकि एक सदस्य अन्य है। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस समर्थित खेमे का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर दावा मजबूत माना जा रहा है। हालांकि, अंदरखाते उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ समर्थकों के बीच ही लॉबिंग और गुटबाजी शुरू हो चुकी है। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अध्यक्ष पद के लिए अनुभव, संगठन से नजदीकी और क्षेत्रीय संतुलन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। दो महिलाओं की जीत को स्थानीय स्तर पर मजबूत जनसमर्थन का संकेत माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए किसी एक नाम पर सहमति बनाना आसान दिख रहा। वहीं, उपाध्यक्ष पद को लेकर भी कई चेहरे सक्रिय बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार समर्थकों ने अपने-अपने स्तर पर जोड़तोड़ और संपर्क अभियान शुरू कर दिए हैं। यदि कांग्रेस के भीतर सहमति नहीं बनती है, तो अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिड़गांव नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थकों का बहुमत होने के बावजूद सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक संतुलन बनाए रखने की रहेगी। आने वाले दिनों में अध्यक्ष से अधिक उपाध्यक्ष पद को लेकर होने वाले निर्णय स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।