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Rampur Bushahar News: मंदिर की सुरक्षा के लिए दे दिए खराब सीसीटीवी कैमरे और मॉनिटर
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रूपी की श्री टेरस नारायण मंदिर कमेटी ने परियोजना की ओर से दिए खराब सीसीटीवी कैमरों और मॉनिटर को
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श्री टेरस नारायण मंदिर कमेटी ने परियोजना पर खराब उपकरण देने के लगाए आरोप
शोरंग परियोजना की लापरवाही पर ग्रामीणों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। किन्नौर जिले की दुर्गम पंचायत रूपी के महादेव श्री टेरस नारायण मंदिर की सुरक्षा के लिए शोरंग परियोजना की ओर से दिए गए उपकरण खराब निकले। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना प्रबंधन ने मंदिर कमेटी को खराब सीसीटीवी कैमरे और मॉनिटर दे दिए। खराबी का पता तब चला, जब इन कैमरों को चलाने की बारी आई। मंदिर कमेटी और ग्रामीणों ने परियोजना की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने शोरंग परियोजना प्रबंधन से जल्द सही कैमरे और मॉनिटर उपलब्ध करवाने की मांग की है ताकि मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रूपी वैली की महादेव श्री टेरस नारायण मंदिर कमेटी ने शोरंग परियोजना प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंदिर कमेटी ने आरोप लगाया है कि परियोजना प्रबंधन ने मंदिर की सुरक्षा के लिए सीएसआर योजना के तहत जो कैमरे और मॉनिटर उपलब्ध करवाए हैं, वे शुरू से ही खराब थे और इससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। मंदिर कमेटी के अनुसार कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के मंदिर परिसर के लिए तीन सीसीटीवी कैमरे और एक मॉनिटर उपलब्ध करवाया, लेकिन जब इन्हें स्थापित कर जांच की गई, तो तीनों कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे थे। हैरानी तो तब हुई जब मॉनिटर भी खराब निकला। मंदिर कमेटी ने पहले चरण में सभी खराब कैमरों को कंपनी को वापस कर दिया था और उम्मीद जताई थी कि कंपनी जल्द ही सही उपकरण उपलब्ध करवाएगी, लेकिन अब मॉनिटर में भी खराबी सामने आने के बाद कमेटी ने इसे भी वापस करने का फैसला लिया है।
आंदोलन करने को होंगे मजबूर
मंदिर कमेटी के मोतमीम करतार नेगी ने कहा कि धार्मिक स्थलों के साथ इस तरह की अनदेखी और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजना पर आरोप लगाया कि सीएसआर के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में नाराजगी जताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि आस्था के केंद्रों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि कंपनी की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जिस कंपनी ने ये कैमरे और मॉनिटर लगाए हैं, उसे दोबारा कैमरे और मॉनिटर लगाने को कहा गया है। अभी तक कंपनी को कैमरे और मॉनिटर की राशि भी जारी नहीं की गई है। कंपनी को दी जाने वाली इस राशि को रोका गया है। - दिनेश, एचआर, शोरंग परियोजना
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आंदोलन करने को होंगे मजबूर
मंदिर कमेटी के मोतमीम करतार नेगी ने कहा कि धार्मिक स्थलों के साथ इस तरह की अनदेखी और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजना पर आरोप लगाया कि सीएसआर के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में नाराजगी जताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि आस्था के केंद्रों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि कंपनी की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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जिस कंपनी ने ये कैमरे और मॉनिटर लगाए हैं, उसे दोबारा कैमरे और मॉनिटर लगाने को कहा गया है। अभी तक कंपनी को कैमरे और मॉनिटर की राशि भी जारी नहीं की गई है। कंपनी को दी जाने वाली इस राशि को रोका गया है। - दिनेश, एचआर, शोरंग परियोजना

रूपी की श्री टेरस नारायण मंदिर कमेटी ने परियोजना की ओर से दिए खराब सीसीटीवी कैमरों और मॉनिटर को