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Rampur Bushahar News: ज्यूरी–फांचा से श्रीखंड महादेव यात्रा की राह आसान, टोही दल ने दी हरी झंडी
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ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव में पहुंचा सात सदस्यीय दल। संवाद
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निरीक्षण के लिए भेजी गई थी अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान और वन विभाग की टीम
टीम विश्राम स्थल सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट प्रशासन को देगी
जिला कुल्लू के जौं से श्रीखंड महादेव की यात्रा पर इस बार लगा है प्रतिबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
शिमला जिले के उपमंडल रामपुर के ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू होने की उम्मीद जगी है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली की अगुवाई वाला सात सदस्यीय टोही दल श्रीखंड महादेव के दर्शन कर लौट आया है। इस टीम ने दो दिन में फांचा से इस यात्रा को पूरा किया। इस दौरान यात्रा मार्ग, ठहराव, विश्राम स्थल समेत अन्य सुविधाओं को विकसित करने की संभावनाएं तलाशीं।
दल के मुताबिक श्रीखंड महादेव का रास्ता सही है और इस पर ट्रैकिंग की जा सकती है। यदि यह यात्रा शुरू होती है, तो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के द्वार खुलेंगे। शुक्रवार को फांचा से श्रीखंड तक के मार्ग में यात्रियों की सुविधाओं, सुरक्षा और ठहरने के लिए सुरक्षित पड़ाव की तलाश करने गया सात सदस्यीय दल शनिवार शाम को वापस सफल यात्रा कर फांचा लौट आया। इस दल में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स मनाली के चार सदस्य, वन विभाग का कर्मचारी और दो स्थानीय प्रशिक्षित युवक शामिल रहे। दल ने शनिवार सुबह श्रीखंड महादेव के दर्शन किए। वहीं, यह दल शनिवार शाम करीब सात बजे सफलतापूर्वक रेकी कर वापसी फांचा पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक फांचा से फांचा कंडा, स्पाभावी से शकरांडा, मौजबौन से श्रीखंड महादेव का रास्ता लगभग ठीक है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट टोही दल एसडीएम रामपुर को जल्द सौंपेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार कर उपायुक्त शिमला को भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यात्रा मार्ग में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी और शिव भक्तों को श्रीखंड महादेव के दर्शन करने की सुविधा मिलेगी।
2022 में 15 घंटे के भीतर मनाली से पहुंचे दल ने पूरी की थी यात्रा
अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स मनाली के दल ने अगस्त 2022 में इस रूट में रास्तों और पड़ाव की संभावनाएं तलाशी थीं। तब माउंटेनियरिंग टीम ने फांचा से श्रीखंड महादेव की यात्रा को 15 घंटे में पूरा किया था। रास्तों और पड़ाव की जियो टैगिंग रमणीक स्थलों की प्रॉपर मेपिंग को भी पूर्ण किया था।
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सब सही रहा तो उन्नू मंदिर से फिर शुरू हो सकती है छड़ी यात्रा
ज्यूरी के धार्मिक पर्यटन स्थल उन्नू महादेव मंदिर से साल 2005 में महंत बाबा मस्तगिरि के प्रयासों से समिति ज्यूरी ने श्रीखंड कैलाश छड़ी यात्रा वाया फांचा से शुरू की थी। यह यात्रा वर्ष 2013 तक सफलतापूर्वक चलाई गई। इस यात्रा में हर साल देश-विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते थे। वर्ष 2014 में तत्कालीन सरकार ने आधिकारिक ट्रैक की घोषणा न होने के कारण यात्रा को बंद कर दिया। हालांकि, इससे पूर्व उपायुक्त शिमला ज्यूरी से छड़ी यात्रा को रवाना करते थे। अब इस यात्रा को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना धरातल पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है। इस वर्ष भी ज्यूरी से छड़ी यात्रा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोट
ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव के लिए दूरी काफी कम है। पूरा रास्ता सुरक्षित होने की वजह से कोई बड़ी घटना भी नहीं घटी है। उनका प्रयास रहेगा कि यात्रा शुरू हो, क्षेत्र के विकास के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित और कम दूरी की सुविधा मिले। वह स्वयं और श्रद्धालु सरकार से इस ट्रैक की मान्यता दिलाने की लंबे समय से मांग उठा रहे हैं।
-- बाबा मस्तगिरि,
महंत, उन्नू महादेव मंदिर
कोट
फांचा से श्रीखंड महादेव यात्रा पर गया सात सदस्यीय दल लौट आया है। दल के मुताबिक श्रीखंड का ट्रैक सही है। चार से पांच दिन में यह दल रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद यात्रा मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं और कार्यों की रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त शिमला को भेजी जाएगी।-- हर्ष अमरेंद्र सिंह, एसडीएम रामपुर
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टीम विश्राम स्थल सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट प्रशासन को देगी
जिला कुल्लू के जौं से श्रीखंड महादेव की यात्रा पर इस बार लगा है प्रतिबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
शिमला जिले के उपमंडल रामपुर के ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू होने की उम्मीद जगी है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली की अगुवाई वाला सात सदस्यीय टोही दल श्रीखंड महादेव के दर्शन कर लौट आया है। इस टीम ने दो दिन में फांचा से इस यात्रा को पूरा किया। इस दौरान यात्रा मार्ग, ठहराव, विश्राम स्थल समेत अन्य सुविधाओं को विकसित करने की संभावनाएं तलाशीं।
दल के मुताबिक श्रीखंड महादेव का रास्ता सही है और इस पर ट्रैकिंग की जा सकती है। यदि यह यात्रा शुरू होती है, तो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के द्वार खुलेंगे। शुक्रवार को फांचा से श्रीखंड तक के मार्ग में यात्रियों की सुविधाओं, सुरक्षा और ठहरने के लिए सुरक्षित पड़ाव की तलाश करने गया सात सदस्यीय दल शनिवार शाम को वापस सफल यात्रा कर फांचा लौट आया। इस दल में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स मनाली के चार सदस्य, वन विभाग का कर्मचारी और दो स्थानीय प्रशिक्षित युवक शामिल रहे। दल ने शनिवार सुबह श्रीखंड महादेव के दर्शन किए। वहीं, यह दल शनिवार शाम करीब सात बजे सफलतापूर्वक रेकी कर वापसी फांचा पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक फांचा से फांचा कंडा, स्पाभावी से शकरांडा, मौजबौन से श्रीखंड महादेव का रास्ता लगभग ठीक है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट टोही दल एसडीएम रामपुर को जल्द सौंपेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार कर उपायुक्त शिमला को भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यात्रा मार्ग में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी और शिव भक्तों को श्रीखंड महादेव के दर्शन करने की सुविधा मिलेगी।
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2022 में 15 घंटे के भीतर मनाली से पहुंचे दल ने पूरी की थी यात्रा
अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स मनाली के दल ने अगस्त 2022 में इस रूट में रास्तों और पड़ाव की संभावनाएं तलाशी थीं। तब माउंटेनियरिंग टीम ने फांचा से श्रीखंड महादेव की यात्रा को 15 घंटे में पूरा किया था। रास्तों और पड़ाव की जियो टैगिंग रमणीक स्थलों की प्रॉपर मेपिंग को भी पूर्ण किया था।
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सब सही रहा तो उन्नू मंदिर से फिर शुरू हो सकती है छड़ी यात्रा
ज्यूरी के धार्मिक पर्यटन स्थल उन्नू महादेव मंदिर से साल 2005 में महंत बाबा मस्तगिरि के प्रयासों से समिति ज्यूरी ने श्रीखंड कैलाश छड़ी यात्रा वाया फांचा से शुरू की थी। यह यात्रा वर्ष 2013 तक सफलतापूर्वक चलाई गई। इस यात्रा में हर साल देश-विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते थे। वर्ष 2014 में तत्कालीन सरकार ने आधिकारिक ट्रैक की घोषणा न होने के कारण यात्रा को बंद कर दिया। हालांकि, इससे पूर्व उपायुक्त शिमला ज्यूरी से छड़ी यात्रा को रवाना करते थे। अब इस यात्रा को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना धरातल पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है। इस वर्ष भी ज्यूरी से छड़ी यात्रा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोट
ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव के लिए दूरी काफी कम है। पूरा रास्ता सुरक्षित होने की वजह से कोई बड़ी घटना भी नहीं घटी है। उनका प्रयास रहेगा कि यात्रा शुरू हो, क्षेत्र के विकास के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित और कम दूरी की सुविधा मिले। वह स्वयं और श्रद्धालु सरकार से इस ट्रैक की मान्यता दिलाने की लंबे समय से मांग उठा रहे हैं।
महंत, उन्नू महादेव मंदिर
कोट
फांचा से श्रीखंड महादेव यात्रा पर गया सात सदस्यीय दल लौट आया है। दल के मुताबिक श्रीखंड का ट्रैक सही है। चार से पांच दिन में यह दल रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद यात्रा मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं और कार्यों की रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त शिमला को भेजी जाएगी।