{"_id":"6a40e84a4482ab0bee0a4180","slug":"kinnaur-kailash-yatra-2026-postponed-landslide-glacier-risk-2026-06-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर: किन्नौर कैलाश यात्रा पर फिलहाल रोक, जानें प्रशासन ने क्यों लिया ये फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर: किन्नौर कैलाश यात्रा पर फिलहाल रोक, जानें प्रशासन ने क्यों लिया ये फैसला
Sun, 28 Jun 2026 02:55 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, रिकांगपिओ (किन्नौर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, रिकांगपिओ (किन्नौर)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 28 Jun 2026 02:55 PM IST
सार
किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 को जिला प्रशासन ने अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। विशेष टोही दल की रिपोर्ट में ग्लेशियर, अस्थिर चट्टानों और भूस्खलन के गंभीर खतरे की पुष्टि होने के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा न करने की अपील की है।
विज्ञापन
किन्नौर कैलाश।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यात्रा मार्ग पर ग्लेशियर, अस्थिर चट्टानों और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ने यह फैसला विशेष टोही दल की रिपोर्ट के आधार पर लिया है।
विज्ञापन
मंत्री की बैठक के बाद किया गया मार्ग का निरीक्षण: 12 जून को राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यात्रा मार्ग की सुरक्षा की समीक्षा की गई थी। बैठक के बाद मार्ग की स्थिति का आकलन करने के लिए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में विशेष टोही दल का गठन किया गया। दल ने 21 जून को यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया।
विज्ञापन
टोही दल ने बताए कई गंभीर खतरे: रिपोर्ट के अनुसार मिलिंग खाटा से शिवलिंग तक बड़े ग्लेशियर और उनके ऊपर अस्थिर चट्टानें मौजूद हैं। गुफा से सोरंग के बीच कई स्थानों पर चट्टानें गिरने से मार्ग बाधित और असुरक्षित हो गया है। लगातार बढ़ते तापमान से बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा और बढ़ गया है। मिलिंग खाटा से पवित्र गुफा तक का पूरा मार्ग अत्यधिक जोखिम वाला माना गया है।
विज्ञापन
सुरक्षा को देखते हुए यात्रा पर रोक: प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यात्रा शुरू करना श्रद्धालुओं और बचाव दलों दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं से अपील: उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अगले आदेश तक किन्नौर कैलाश यात्रा पर न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
श्रद्धालुओं से अपील: उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अगले आदेश तक किन्नौर कैलाश यात्रा पर न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।