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Rampur Bushahar News: दो माह से खाद के लिए भटक रहे ननखड़ी के बागवान
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रोजाना हिमफेड स्टोर पहुंच रहे बागवान मायूस लौटने को मजबूर
हिमफेड दो माह से उपलब्ध नहीं करवा पा रहा यूरिया और पोटाश खाद
बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर
हर वर्ष क्षेत्र में होता है करीब दो लाख पेटी सेब का उत्पादन
राजेंद्र ठाकुर
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)।
सरकार ने बागवानों को लाभ पहुंचाने के लिए हिमफेड के स्टोर तो खोले, लेकिन इन स्टोरों में बागवानों को न खाद मिल पा रही है और न ही उपकरण। करीब दो लाख से अधिक सेब की पेटियों का उत्पादन करने वाली ननखड़ी तहसील के बागवान दो महीने से खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं। बागवान सस्ते दाम पर खाद खरीदने के लिए हिमफेड के स्टोर में रोजाना पहुंच रहे हैं, लेकिन खाद न मिलने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ रहा है। खाद डालने के लिए यह उपयुक्त समय है, लेकिन आपूर्ति प्रभावित होने से बागवानों को बाजार से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है। क्षेत्र के हजारों बागवानों में सरकार और हिमफेड प्रबंधन के खिलाफ खासा रोष है। ननखड़ी तहसील की 18 पंचायतों के ग्रामीण यूरिया और पोटाश खाद के लिए भटक रहे हैं। क्षेत्र को लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है और इसी से ही उनका जीवनयापन हो रहा है। यह समय सेब के पेड़ों में यूरिया और पोटाश खाद डालने का है। यूरिया नाईट्रोजन का मुख्य स्रोत है और इसे डालने से फ्लॉवरिंग के समय सेब के पेड़ों का तापमान बना रहता है, जबकि पोटाश से फलों की गुणवत्ता में सुधार और पेड़ों को सूखे पाले और बीमारियों से निजात दिलाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे जड़ें और शाखाएं भी मजबूत होती हैं। बीते दो महीने से ननखड़ी क्षेत्र के बागवान यूरिया और पोटाश की खाद की कमी से जूझ रहे हैं। बागवानों को हिमफेड स्टोर में खाद नहीं मिल रही है। हिमफेड में बागवानों को खाद सस्ते दामों पर मिलती है, जबकि बाजार में उन्हें प्रति बोरी 150 से 200 रुपये महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में बागवान आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। ऐसे में बागवानों में काफी रोष है।
जल्द खाद मुहैया करवाने की मांग
परिवर्तन शिक्षा एवं विकास संस्था के अध्यक्ष राजेश खुंद, गगन ठाकुर, संजीव ठाकुर, लव खुंद, सोलाकर खूंद, प्रवीण कुमार, संतोष कुमार, राजेश कुमार, दुनी चंद ने प्रदेश सरकार और हिमफेड प्रबंधन से ननखड़ी में जल्द खाद मुहैया करवाने की मांग की है ताकि क्षेत्र के बागवानों को समय पर खाद मिल सके।
जल्द शुरू होगा वितरण
हिमफेड अधिकारी विकास ने बताया की ननखड़ी स्टोर में यूरिया खाद एक सप्ताह बाद, जबकि पोटाश खाद एक माह के भीतर पहुंचेगी। इसके बाद बागवानों को इसका वितरण कर दिया जाएगा।
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हिमफेड दो माह से उपलब्ध नहीं करवा पा रहा यूरिया और पोटाश खाद
बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर
हर वर्ष क्षेत्र में होता है करीब दो लाख पेटी सेब का उत्पादन
राजेंद्र ठाकुर
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)।
सरकार ने बागवानों को लाभ पहुंचाने के लिए हिमफेड के स्टोर तो खोले, लेकिन इन स्टोरों में बागवानों को न खाद मिल पा रही है और न ही उपकरण। करीब दो लाख से अधिक सेब की पेटियों का उत्पादन करने वाली ननखड़ी तहसील के बागवान दो महीने से खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं। बागवान सस्ते दाम पर खाद खरीदने के लिए हिमफेड के स्टोर में रोजाना पहुंच रहे हैं, लेकिन खाद न मिलने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ रहा है। खाद डालने के लिए यह उपयुक्त समय है, लेकिन आपूर्ति प्रभावित होने से बागवानों को बाजार से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है। क्षेत्र के हजारों बागवानों में सरकार और हिमफेड प्रबंधन के खिलाफ खासा रोष है। ननखड़ी तहसील की 18 पंचायतों के ग्रामीण यूरिया और पोटाश खाद के लिए भटक रहे हैं। क्षेत्र को लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है और इसी से ही उनका जीवनयापन हो रहा है। यह समय सेब के पेड़ों में यूरिया और पोटाश खाद डालने का है। यूरिया नाईट्रोजन का मुख्य स्रोत है और इसे डालने से फ्लॉवरिंग के समय सेब के पेड़ों का तापमान बना रहता है, जबकि पोटाश से फलों की गुणवत्ता में सुधार और पेड़ों को सूखे पाले और बीमारियों से निजात दिलाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे जड़ें और शाखाएं भी मजबूत होती हैं। बीते दो महीने से ननखड़ी क्षेत्र के बागवान यूरिया और पोटाश की खाद की कमी से जूझ रहे हैं। बागवानों को हिमफेड स्टोर में खाद नहीं मिल रही है। हिमफेड में बागवानों को खाद सस्ते दामों पर मिलती है, जबकि बाजार में उन्हें प्रति बोरी 150 से 200 रुपये महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में बागवान आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। ऐसे में बागवानों में काफी रोष है।
जल्द खाद मुहैया करवाने की मांग
परिवर्तन शिक्षा एवं विकास संस्था के अध्यक्ष राजेश खुंद, गगन ठाकुर, संजीव ठाकुर, लव खुंद, सोलाकर खूंद, प्रवीण कुमार, संतोष कुमार, राजेश कुमार, दुनी चंद ने प्रदेश सरकार और हिमफेड प्रबंधन से ननखड़ी में जल्द खाद मुहैया करवाने की मांग की है ताकि क्षेत्र के बागवानों को समय पर खाद मिल सके।
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जल्द शुरू होगा वितरण
हिमफेड अधिकारी विकास ने बताया की ननखड़ी स्टोर में यूरिया खाद एक सप्ताह बाद, जबकि पोटाश खाद एक माह के भीतर पहुंचेगी। इसके बाद बागवानों को इसका वितरण कर दिया जाएगा।