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Rampur Bushahar News: खनेरी अस्पताल में मशीन हांफी, एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट का तबादला, बढ़ी परेशानी

Sun, 02 Aug 2026 11:10 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:10 PM IST
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The two-decade-old ultrasound machine in the hospital is also out of commission
खनेरी अस्पताल में दो माह से ठप पड़ी अल्ट्रासाउंड सुविधा। संवाद
अस्पताल में लगी दो दशक पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन भी हांफी
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. चार जिलों से अस्पताल पहुंच रहे मरीज निजी संस्थानों में करवा रहे टेस्ट
. सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहे चार जिलों के मरीज
. निशुल्क चिकित्सा के लाभ से वंचित अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लाख दावे करे लेकिन चार जिलों के मुख्य केंद्र महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में इन दावों की पोल खुल रही है। अस्पताल में 20 साल पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन लंबे समय से बंद पड़ी है। आउट डेटिड इस मशीन को अब ठीक करना भी संभव नहीं है। अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट का भी तबादला कर दिया है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति रोष पनपा हुआ है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का दंश खनेरी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को झेलना पड़ रहा है। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का तबादला मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए हुआ है। रोजाना करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में कई माह से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली के कारण अस्पताल में लगी दो दशक पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन को नहीं बदला जा रहा। इस मशीन की हालत इतनी खराब हो गई है कि इसकी मरम्मत करना भी असंभव है। अस्पताल में रोजाना शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले से मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें निजी संस्थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गर्भावस्था, अंगों के आंतरिक रोग, पथरी, पेट सहित अन्य बीमारियों से मरीजों को निजी संस्थानों में अल्ट्रासाउंड करवाने के 800 से 1000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को पेश आ रही है। केएनएच के बाद खनेरी अस्पताल में सबसे अधिक प्रसव करवाए जाते हैं और यहां हर माह करीब 250 महिलाओं के प्रसव करवाए जाते हैं, जबकि गर्भावस्था और प्रसव से पूर्व महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाना जरूरी होता है। सरकार महिलाओं को निशुल्क सेवाएं देने के दावे कर रही है लेकिन खनेरी अस्पताल में इसके विपरीत मरीज निजी संस्थानों में लुटने को मजबूर हैं।

गरीब तबके के लोगों को अधिक परेशानी

क्षेत्र के अमर नेगी, राकेश कुमार, सुनील चौहान, किशोर कुमार, सुमन, यशवंत कुमार, विजय राठौर, अमित कुमार, मनीष सहित अन्य लोगों ने कहा कि चार जिलों को स्वास्थ्य देने वाले खनेरी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने से मरीज परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों खासकर गरीब तबके के लोगों को निजी संस्थानों में भारी भरकम राशि देकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने और रेडियोलॉजिस्ट के रिक्त पद को भरने की मांग उठाई है।
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अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हो गया है। अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। - डॉ. रोशन लाल कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी अस्पताल
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