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Sirmour News: मंदिर न्यास त्रिलोकपुर को चढ़ावे से अर्जित हुई 2.38 करोड़ से अधिक की आय
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संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। नाहन विकास खंड के अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ त्रिलोकपुर माता बालासुंदरी मंदिर में आयोजित चैत्र नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चले इस भव्य मेले में 4,65,700 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर न्यास समिति के अनुसार, मेले के दौरान श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए नकद चढ़ावे से कुल 2,38,64,293 रुपये की आय हुई।
इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं ने 128 ग्राम 250 मिलीग्राम सोना, 31,970 ग्राम चांदी और 3 सिक्के भी अर्पित किए, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है। मेला अवधि के दौरान मंदिर न्यास को अन्य स्रोतों से भी अच्छी आय प्राप्त हुई। शिव मंदिर ताल में नौकायन (बोटिंग) से लगभग 2,00,000 रुपये की शुद्ध आय हुई, जबकि प्लॉटिंग के माध्यम से करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी दर्ज की गई।
मंदिर न्यास के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि इस बार नवरात्र मेले में मंदिर की कुल आय 2 करोड़ रुपये से अधिक रही, जिसमें चढ़ावे के साथ-साथ अन्य गतिविधियों से हुई आय भी शामिल है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
आस्था और श्रद्धा के इस महापर्व के दौरान विशेष आकर्षण तीन दिवसीय महाआरती रही, जिसमें कुल 21,000 दीये प्रज्ज्वलित किए गए। बहरहाल, हर वर्ष की तरह इस बार भी त्रिलोकपुर नवरात्र मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ, जहां एक ओर श्रद्धालुओं ने माता का आशीर्वाद लिया, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला।
-- -संवाद
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कालाअंब (सिरमौर)। नाहन विकास खंड के अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ त्रिलोकपुर माता बालासुंदरी मंदिर में आयोजित चैत्र नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चले इस भव्य मेले में 4,65,700 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर न्यास समिति के अनुसार, मेले के दौरान श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए नकद चढ़ावे से कुल 2,38,64,293 रुपये की आय हुई।
इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं ने 128 ग्राम 250 मिलीग्राम सोना, 31,970 ग्राम चांदी और 3 सिक्के भी अर्पित किए, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है। मेला अवधि के दौरान मंदिर न्यास को अन्य स्रोतों से भी अच्छी आय प्राप्त हुई। शिव मंदिर ताल में नौकायन (बोटिंग) से लगभग 2,00,000 रुपये की शुद्ध आय हुई, जबकि प्लॉटिंग के माध्यम से करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी दर्ज की गई।
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मंदिर न्यास के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि इस बार नवरात्र मेले में मंदिर की कुल आय 2 करोड़ रुपये से अधिक रही, जिसमें चढ़ावे के साथ-साथ अन्य गतिविधियों से हुई आय भी शामिल है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
आस्था और श्रद्धा के इस महापर्व के दौरान विशेष आकर्षण तीन दिवसीय महाआरती रही, जिसमें कुल 21,000 दीये प्रज्ज्वलित किए गए। बहरहाल, हर वर्ष की तरह इस बार भी त्रिलोकपुर नवरात्र मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ, जहां एक ओर श्रद्धालुओं ने माता का आशीर्वाद लिया, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला।