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Sirmour News: कालाअंब में 230 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्वतः कटे, स्मार्ट मीटरिंग का एक्शन
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-10 हजार रुपये से अधिक बकाया पर 70 लाख रुपये की वसूली के लिए विभाग की कार्रवाई
-बिल और 250 रुपये री-कनेक्शन शुल्क जमा करते ही बहाल होगी बिजली, बकाया सीमा और घटाने की तैयारी
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। विद्युत उपमंडल कालाअंब में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले 230 घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन इलेक्ट्रिक स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के माध्यम से स्वतः काट दिए गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 70 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद बकायेदार उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। अब बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए उपभोक्ताओं को लंबित बिल के साथ री-कनेक्शन शुल्क भी जमा करना होगा।
जानकारी के अनुसार, जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 10 हजार रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल लंबित था, उनके कनेक्शन स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के जरिये स्वतः बंद कर दिए गए। यह प्रणाली मुख्यालय शिमला से संचालित की जा रही है और निर्धारित बकाया सीमा पार करते ही संबंधित उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति स्वतः बाधित हो जाती है। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से बिजली बिलों की वसूली में तेजी आएगी और बकायेदारों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए उपभोक्ताओं को अपना लंबित बिल ऑनलाइन जमा करना होगा। इसके अलावा 250 रुपये का पुनः संयोजन (री-कनेक्शन) शुल्क भी देना होगा। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के कुछ समय बाद स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से बिजली आपूर्ति स्वतः बहाल कर दी जाएगी।
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विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में बकाया राशि की सीमा को और कम किया जा सकता है। वर्तमान में 10 हजार रुपये की सीमा निर्धारित है, जिसे घटाकर पहले 5 हजार और बाद में 2 हजार रुपये तक करने की योजना है। इससे उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और राजस्व वसूली भी बेहतर होगी।
इनसेट--
सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल कालाअंब ई. महेश चौधरी ने बताया कि 10 हजार रुपये से अधिक के लंबित बिजली बिल के कारण 230 उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के माध्यम से स्वतः बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि लंबित बिल और 250 रुपये का री-कनेक्शन शुल्क जमा करने के बाद बिजली आपूर्ति स्वतः बहाल हो जाएगी। भविष्य में बकाया राशि की सीमा को और कम करने पर भी विभाग विचार कर रहा है। संवाद-- -- -- -- -
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-बिल और 250 रुपये री-कनेक्शन शुल्क जमा करते ही बहाल होगी बिजली, बकाया सीमा और घटाने की तैयारी
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। विद्युत उपमंडल कालाअंब में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले 230 घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन इलेक्ट्रिक स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के माध्यम से स्वतः काट दिए गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 70 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद बकायेदार उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। अब बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए उपभोक्ताओं को लंबित बिल के साथ री-कनेक्शन शुल्क भी जमा करना होगा।
जानकारी के अनुसार, जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 10 हजार रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल लंबित था, उनके कनेक्शन स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के जरिये स्वतः बंद कर दिए गए। यह प्रणाली मुख्यालय शिमला से संचालित की जा रही है और निर्धारित बकाया सीमा पार करते ही संबंधित उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति स्वतः बाधित हो जाती है। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से बिजली बिलों की वसूली में तेजी आएगी और बकायेदारों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
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बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के लिए उपभोक्ताओं को अपना लंबित बिल ऑनलाइन जमा करना होगा। इसके अलावा 250 रुपये का पुनः संयोजन (री-कनेक्शन) शुल्क भी देना होगा। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के कुछ समय बाद स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से बिजली आपूर्ति स्वतः बहाल कर दी जाएगी।
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विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में बकाया राशि की सीमा को और कम किया जा सकता है। वर्तमान में 10 हजार रुपये की सीमा निर्धारित है, जिसे घटाकर पहले 5 हजार और बाद में 2 हजार रुपये तक करने की योजना है। इससे उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और राजस्व वसूली भी बेहतर होगी।
इनसेट
सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल कालाअंब ई. महेश चौधरी ने बताया कि 10 हजार रुपये से अधिक के लंबित बिजली बिल के कारण 230 उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के माध्यम से स्वतः बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि लंबित बिल और 250 रुपये का री-कनेक्शन शुल्क जमा करने के बाद बिजली आपूर्ति स्वतः बहाल हो जाएगी। भविष्य में बकाया राशि की सीमा को और कम करने पर भी विभाग विचार कर रहा है। संवाद