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Sirmour News: पांच साल बाद भी गिरि नदी पर डबल लेन पुल का सपना अधूरा
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48 करोड़ की योजना केंद्र को भेजी, जर्जर सिंगल लेन बांगरन पुल पर बढ़ा दबाव
खनन क्षेत्र और गिरिपार की दर्जनों पंचायतों की आवाजाही हो रही प्रभावित
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गिरि नदी पर पांवटा साहिब के बांगरन में नए डबल लेन पुल निर्माण का सपना पांच वर्षों बाद भी अधूरा है। केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पुल निर्माण योजना को वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन अभी तक इसके लिए बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। दशकों पहले बना मौजूदा सिंगल लेन बांगरन पुल अब भारी वाहनों का दबाव झेल रहा है। क्षेत्र में पिछले डेढ़ दशक के दौरान कई खनन परियोजनाएं और क्रशर इकाइयां स्थापित हुई हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में रेत, बजरी और अन्य खनिज सामग्री से लदे ट्राले और टिपर इसी पुल से गुजरते हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और भार क्षमता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पुराने पुल की भार क्षमता केवल 10 से 15 टन तक है, जबकि वर्तमान में इससे तीन से चार गुना अधिक भार वाले वाहन गुजर रहे हैं। पुल संकरा होने के कारण यहां जाम की स्थिति भी बनी रहती है। ऐसे में नया डबल लेन पुल क्षेत्र की जरूरत बन चुका है।
स्थानीय निवासी अतर सिंह चौहान, घासी राम, प्रदीप चौहान, मोहब्बत अली, रणजीत पुंडीर, दयाल सिंह, बबीता, ममता, रमेश शर्मा, रेखा और राहुल ने बताया कि बांगरन पुल खनन क्षेत्र और गिरिपार की दर्जनों पंचायतों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। उन्होंने सरकार से जल्द बजट मंजूर कर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।
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लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब के सहायक अभियंता रामभज तोमर ने बताया कि डबल लेन बांगरन पुल के निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के तहत बजट का प्रावधान किया जाना है। अभी तक योजना को मंजूरी और बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। संवाद
खनन क्षेत्र और गिरिपार की दर्जनों पंचायतों की आवाजाही हो रही प्रभावित
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गिरि नदी पर पांवटा साहिब के बांगरन में नए डबल लेन पुल निर्माण का सपना पांच वर्षों बाद भी अधूरा है। केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पुल निर्माण योजना को वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन अभी तक इसके लिए बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। दशकों पहले बना मौजूदा सिंगल लेन बांगरन पुल अब भारी वाहनों का दबाव झेल रहा है। क्षेत्र में पिछले डेढ़ दशक के दौरान कई खनन परियोजनाएं और क्रशर इकाइयां स्थापित हुई हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में रेत, बजरी और अन्य खनिज सामग्री से लदे ट्राले और टिपर इसी पुल से गुजरते हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और भार क्षमता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पुराने पुल की भार क्षमता केवल 10 से 15 टन तक है, जबकि वर्तमान में इससे तीन से चार गुना अधिक भार वाले वाहन गुजर रहे हैं। पुल संकरा होने के कारण यहां जाम की स्थिति भी बनी रहती है। ऐसे में नया डबल लेन पुल क्षेत्र की जरूरत बन चुका है।
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स्थानीय निवासी अतर सिंह चौहान, घासी राम, प्रदीप चौहान, मोहब्बत अली, रणजीत पुंडीर, दयाल सिंह, बबीता, ममता, रमेश शर्मा, रेखा और राहुल ने बताया कि बांगरन पुल खनन क्षेत्र और गिरिपार की दर्जनों पंचायतों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। उन्होंने सरकार से जल्द बजट मंजूर कर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब के सहायक अभियंता रामभज तोमर ने बताया कि डबल लेन बांगरन पुल के निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के तहत बजट का प्रावधान किया जाना है। अभी तक योजना को मंजूरी और बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। संवाद