सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   business rate increasing kakaamb sirmaur

Sirmour News: कालाअंब में मिठाई और खाद्य पदार्थों के 40 फीसदी तक बढ़ गए दाम

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
business rate increasing kakaamb sirmaur
विज्ञापन
ग्राउंड रिपोर्ट-
Trending Videos

-व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर रोक का असर लोगों की जेबों पर पड़ रहा भारी

- निम्न और मध्यम वर्ग के ग्राहकों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी

संजय गुप्ता

कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में इन दिनों खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। क्षेत्र के ढाबों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत तक इजाफा कर दिया गया है, जबकि कुछ वस्तुओं के दामों में 100 प्रतिशत तक वृद्धि देखी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक इस बढ़ोतरी के पीछे व्यावसायिक गैस की आपूर्ति पर रोक को मुख्य कारण बताया जा रहा है। गैस की कमी और बढ़ती लागत के चलते ढाबा संचालकों, छोटे रेस्टोरेंट मालिकों और मिष्ठान निर्माताओं को मजबूरन अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। ग्राहकों का कहना है कि पहले जो खाना 200 रुपये में उपलब्ध होता था, अब उसी के लिए उन्हें 240 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, अन्य खाद्य वस्तुओं जैसे सब्जियों, दाल, पनीर से बने खाद्य पदार्थ, स्नैक्स और मिठाइयों के दामों में भी 50 से 60 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। व्यावसायिक गैस पर रोक से सबसे अधिक असर छोटे मिष्ठान विक्रेताओं पर पड़ा है। कई दुकानदारों ने लागत बढ़ने के कारण समोसे, टिक्की जैसे नमकीन आइटम बनाना बंद कर दिया है। ये वे विक्रेता हैं, जो मुख्य रूप से निम्न और मध्यम वर्ग के ग्राहकों को सस्ती खाद्य सामग्री उपलब्ध कराते थे।

दूसरी ओर रोजाना ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट्स में खाना खाने वाले मजदूर, कर्मचारी और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े लोग इस बढ़ोतरी से खासे प्रभावित हुए हैं। ग्राहकों में सुनील कुमार, संजीव शर्मा, मेहर चंद, योगेश, रमेश कुमार, दीप चंद, हरबन्स, सुरजीत, सोनू टिक्कू और महेश्वर नाथ ने बताया कि पहले वो जो खाना 200 रुपये कीमत में भरपेट कर लेते थे, अब वही खाना उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है।

साधारण दाल पहले 100 रुपये प्रति प्लेट मिल रही थी उसके लिए अब 20 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। पनीर से बने भोज्य पदार्थों के लिए भी 40 फीसदी अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि व्यावसायिक गैस की आपूर्ति को सुचारू किया जाए और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed