{"_id":"69849f6f1a26f7507c02145b","slug":"court-news-1-nahan-news-c-177-1-nhn1017-171292-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अदालत 2, <bha>--<\/bha>चंडीगढ़ के लिए जरूरी..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अदालत 2, <bha>--</bha>चंडीगढ़ के लिए जरूरी..
विज्ञापन
विज्ञापन
कनाडा में वीजा लगवाने के लिए पति को
बकाया राशि लेना पड़ा महंगा, पत्नी को सजा
- साल 2018 में दोषी के पति ने बकाया लिए थे 6 लाख, वीजा नहीं लगने पर पत्नी के नाम से चेक हुए बाउंस
- न्यायाधीश विकास गुप्ता ने दोषी को एक साल की सजा और 10.20 लाख क्षतिपूर्ति देने का दिया आदेश
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)।
कनाडा में वीजा लगवाने के लिए पति को छह लाख रुपये की बकाया राशि लेना महंगा पड़ा। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विकास गुप्ता ने चेक बाउंस मामले में आरोपी शकुन शर्मा को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, शिकायतकर्ता को 10.20 लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया है। दोषी महिला मिल्क कॉलोनी, धनास, चंडीगढ़, यूटी की रहने वाली है।
यह मामला मार्च साल 2018 का है। शिलाई निवासी शिकायतकर्ता गोपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि कनाडा वीजा लगवाने के नाम पर आरोपी के पति ने उससे छह लाख रुपये लिए थे। वीजा न लगने पर रकम लौटाने के लिए दो चेक (तीन-तीन लाख रुपये) दिए गए। सितंबर 2018 को बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान न होने पर अदालत में परिवाद दायर किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दस्तावेजी साक्ष्य, चेक, बैंक मेमो और अन्य रिकॉर्ड का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि चेक वैध देनदारी के निर्वहन के लिए जारी किए गए थे और आरोपी पक्ष आरोपों का खंडन प्रमाण सहित नहीं कर सका। इसके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया। अदालत ने आदेश दिया है कि क्षतिपूर्ति अदा न करने पर अतिरिक्त तीन माह की कैद भुगतनी होगी।
--
यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता के मुताबिक दोषी महिला के पति मनजीत सिंह चंडीगढ़ में वीजा एजेंट के रूप में काम करते हैं। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने कनाडा के वीजा के लिए उससे संपर्क किया और 6 लाख रुपये में वीजा दिलाने का आश्वासन दिया। मार्च 2018 में नकद और आरटीजीएस के माध्यम से 6,00,000 रुपये का भुगतान किया। हालांकि, आरोपी के पति शिकायतकर्ता को वीजा दिलाने में विफल रहे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी राशि की मांग की। बाद में पांवटा साहिब में एक समझौते के तहत उपरोक्त देनदारी के लिए आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम से दो चेक जारी किए थे।
Trending Videos
बकाया राशि लेना पड़ा महंगा, पत्नी को सजा
- साल 2018 में दोषी के पति ने बकाया लिए थे 6 लाख, वीजा नहीं लगने पर पत्नी के नाम से चेक हुए बाउंस
- न्यायाधीश विकास गुप्ता ने दोषी को एक साल की सजा और 10.20 लाख क्षतिपूर्ति देने का दिया आदेश
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)।
कनाडा में वीजा लगवाने के लिए पति को छह लाख रुपये की बकाया राशि लेना महंगा पड़ा। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विकास गुप्ता ने चेक बाउंस मामले में आरोपी शकुन शर्मा को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, शिकायतकर्ता को 10.20 लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया है। दोषी महिला मिल्क कॉलोनी, धनास, चंडीगढ़, यूटी की रहने वाली है।
यह मामला मार्च साल 2018 का है। शिलाई निवासी शिकायतकर्ता गोपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि कनाडा वीजा लगवाने के नाम पर आरोपी के पति ने उससे छह लाख रुपये लिए थे। वीजा न लगने पर रकम लौटाने के लिए दो चेक (तीन-तीन लाख रुपये) दिए गए। सितंबर 2018 को बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान न होने पर अदालत में परिवाद दायर किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दस्तावेजी साक्ष्य, चेक, बैंक मेमो और अन्य रिकॉर्ड का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि चेक वैध देनदारी के निर्वहन के लिए जारी किए गए थे और आरोपी पक्ष आरोपों का खंडन प्रमाण सहित नहीं कर सका। इसके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया। अदालत ने आदेश दिया है कि क्षतिपूर्ति अदा न करने पर अतिरिक्त तीन माह की कैद भुगतनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता के मुताबिक दोषी महिला के पति मनजीत सिंह चंडीगढ़ में वीजा एजेंट के रूप में काम करते हैं। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने कनाडा के वीजा के लिए उससे संपर्क किया और 6 लाख रुपये में वीजा दिलाने का आश्वासन दिया। मार्च 2018 में नकद और आरटीजीएस के माध्यम से 6,00,000 रुपये का भुगतान किया। हालांकि, आरोपी के पति शिकायतकर्ता को वीजा दिलाने में विफल रहे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी राशि की मांग की। बाद में पांवटा साहिब में एक समझौते के तहत उपरोक्त देनदारी के लिए आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम से दो चेक जारी किए थे।
