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Sirmour News: अदालत 2
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वसूली विवाद में ठेकेदार को मिली राहत, कंपनी को 3.73 लाख रुपये देने के आदेश
साल 2016 का त्रिलोकपुर क्षेत्र का मामला, गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स ने जेएचएस स्वेनगार्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स को किराये पर दी थी विद्युत सामग्री
अदालत ने कहा, सभी दावों को पूरी तरह नहीं किया गया प्रमाणित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत ने विद्युत सामग्री और ट्रांसफार्मर किराये से जुड़े वसूली मामले में फैसला सुनाते हुए मेसर्स गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स (ठेकेदार) के पक्ष में आंशिक डिक्री पारित की है। न्यायाधीश उपासना शर्मा ने जेएचएस स्वेनगार्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स को 3,73,575 रुपये की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं।
यह मामला साल 2016 का त्रिलोकपुर क्षेत्र का है। गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स ने जेएचएस स्वेनगार्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स (नई दिल्ली स्थित जेएचएस स्वेनगार्ड लिमिटेड की एक इकाई) को विद्युत सामग्री की आपूर्ति और ट्रांसफार्मर किराये पर देने का दावा किया था। फर्म का कहना था कि जून से अक्तूबर 2016 तक विभिन्न बिलों और किराये की राशि मिलाकर कंपनी पर 10,06,105 लाख बकाया है। इसे चुकाने के लिए कई बार आग्रह और कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
वहीं, प्रतिवादी कंपनी ने दावा खारिज करते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर खराब हालत में था और उसे कुछ ही दिनों में वापस कर दिया गया था। कंपनी ने किराये की अधिक दर और गलत बिलिंग का भी आरोप लगाया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि सभी दावों को पूरी तरह प्रमाणित नहीं किया जा सका। न्यायालय ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर केवल 3.73 लाख की देनदारी ही साबित होती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा है। इसलिए प्रतिवादी कंपनी को वाद दायर करने की तिथि से भुगतान तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
इस प्रकार अदालत ने वसूली का दावा आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए शेष राशि के दावे को अस्वीकार कर दिया।
संवाद
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साल 2016 का त्रिलोकपुर क्षेत्र का मामला, गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स ने जेएचएस स्वेनगार्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स को किराये पर दी थी विद्युत सामग्री
अदालत ने कहा, सभी दावों को पूरी तरह नहीं किया गया प्रमाणित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत ने विद्युत सामग्री और ट्रांसफार्मर किराये से जुड़े वसूली मामले में फैसला सुनाते हुए मेसर्स गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स (ठेकेदार) के पक्ष में आंशिक डिक्री पारित की है। न्यायाधीश उपासना शर्मा ने जेएचएस स्वेनगार्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स को 3,73,575 रुपये की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं।
यह मामला साल 2016 का त्रिलोकपुर क्षेत्र का है। गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स ने जेएचएस स्वेनगार्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स (नई दिल्ली स्थित जेएचएस स्वेनगार्ड लिमिटेड की एक इकाई) को विद्युत सामग्री की आपूर्ति और ट्रांसफार्मर किराये पर देने का दावा किया था। फर्म का कहना था कि जून से अक्तूबर 2016 तक विभिन्न बिलों और किराये की राशि मिलाकर कंपनी पर 10,06,105 लाख बकाया है। इसे चुकाने के लिए कई बार आग्रह और कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
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वहीं, प्रतिवादी कंपनी ने दावा खारिज करते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर खराब हालत में था और उसे कुछ ही दिनों में वापस कर दिया गया था। कंपनी ने किराये की अधिक दर और गलत बिलिंग का भी आरोप लगाया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि सभी दावों को पूरी तरह प्रमाणित नहीं किया जा सका। न्यायालय ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर केवल 3.73 लाख की देनदारी ही साबित होती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा है। इसलिए प्रतिवादी कंपनी को वाद दायर करने की तिथि से भुगतान तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
इस प्रकार अदालत ने वसूली का दावा आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए शेष राशि के दावे को अस्वीकार कर दिया।
संवाद