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Sirmour News: अदालत 5
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नाहन में किरायेदार को 30 दिन
में दुकान खाली करने के आदेश
- अपीलीय प्राधिकारी के फैसले में किरायेदार को मिला दोबारा प्रवेश का अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन में वर्षों पुराने किराया विवाद में अदालत ने मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे मामले में आंशिक रूप से अपील मंजूर करते हुए किरायेदार को दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि राहत देते हुए अपीलीय प्राधिकारी के न्यायाधीश गौरव महाजन ने यह भी स्पष्ट किया कि किरायेदार को नए निर्माण के बाद उसी जगह पर दोबारा दुकान लेने का अधिकार मिलेगा। यह अधिकार आपसी सहमति के आधार पर तय शर्तों पर लागू होगा।
यह मामला कच्चा टैंक क्षेत्र में रूप लाल बनाम पवन कुमार गुप्ता के बीच का है। दुकान को 25-30 साल पहले किराये पर दिया गया था। मकान मालिक ने दुकान को खाली कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। वहीं किरायेदार ने दावा किया कि वह नियमित रूप से किराया दे रहा है और दुकान उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है। अदालत ने माना कि मकान मालिक को नई इमारत बनाने का अधिकार है। किरायेदार को 30 दिन के भीतर दुकान खाली करनी होगी, लेकिन किरायेदार को नई इमारत में दोबारा प्रवेश का अधिकार दिया गया है। यह अधिकार नई शर्तों और आपसी सहमति पर आधारित होगा।
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में दुकान खाली करने के आदेश
- अपीलीय प्राधिकारी के फैसले में किरायेदार को मिला दोबारा प्रवेश का अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन में वर्षों पुराने किराया विवाद में अदालत ने मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे मामले में आंशिक रूप से अपील मंजूर करते हुए किरायेदार को दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि राहत देते हुए अपीलीय प्राधिकारी के न्यायाधीश गौरव महाजन ने यह भी स्पष्ट किया कि किरायेदार को नए निर्माण के बाद उसी जगह पर दोबारा दुकान लेने का अधिकार मिलेगा। यह अधिकार आपसी सहमति के आधार पर तय शर्तों पर लागू होगा।
यह मामला कच्चा टैंक क्षेत्र में रूप लाल बनाम पवन कुमार गुप्ता के बीच का है। दुकान को 25-30 साल पहले किराये पर दिया गया था। मकान मालिक ने दुकान को खाली कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। वहीं किरायेदार ने दावा किया कि वह नियमित रूप से किराया दे रहा है और दुकान उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है। अदालत ने माना कि मकान मालिक को नई इमारत बनाने का अधिकार है। किरायेदार को 30 दिन के भीतर दुकान खाली करनी होगी, लेकिन किरायेदार को नई इमारत में दोबारा प्रवेश का अधिकार दिया गया है। यह अधिकार नई शर्तों और आपसी सहमति पर आधारित होगा।
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