{"_id":"69cd21b87178886a5804bc35","slug":"court-news-6-nahan-news-c-177-1-nhn1017-175411-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अदालत 6","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अदालत 6
विज्ञापन
विज्ञापन
जमीन पर मलबा डालने पर
कोर्ट ने ठेकेदार पर लगाई रोक
नाहन (सिरमौर)। जमीन विवाद के एक मामले में सिविल जज की अदालत ने अंतरिम फैसला सुनाते हुए ठेकेदार नरेश को विवादित भूमि पर मलबा डालने और किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से रोक दिया है।
तहसील शिलाई निवासी साही राम और जलम सिंह ने अदालत में आवेदन दायर कर बताया कि उनकी जमीन पर सड़क निर्माण कार्य के दौरान मलबा डाला जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदार उनकी जमीन पर लगातार अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा है। इससे घास, फसल और अन्य पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, ठेकेदार ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उसने यह भी दावा किया कि संबंधित भूमि बंजर है। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि जमीन पर कब्जा आवेदकों का है ठेकेदार का नाम कहीं दर्ज नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन को नुकसान पहुंचाने और मलबा डालने के आरोपों का अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल अदालत ने ठेकेदार को विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार का मलबा डालने, अतिक्रमण करने या हस्तक्षेप करने से सख्ती से रोक दिया है। इस आदेश से भूमि मालिकों को फिलहाल राहत मिली है।
संवाद
Trending Videos
कोर्ट ने ठेकेदार पर लगाई रोक
नाहन (सिरमौर)। जमीन विवाद के एक मामले में सिविल जज की अदालत ने अंतरिम फैसला सुनाते हुए ठेकेदार नरेश को विवादित भूमि पर मलबा डालने और किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से रोक दिया है।
तहसील शिलाई निवासी साही राम और जलम सिंह ने अदालत में आवेदन दायर कर बताया कि उनकी जमीन पर सड़क निर्माण कार्य के दौरान मलबा डाला जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदार उनकी जमीन पर लगातार अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा है। इससे घास, फसल और अन्य पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, ठेकेदार ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उसने यह भी दावा किया कि संबंधित भूमि बंजर है। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि जमीन पर कब्जा आवेदकों का है ठेकेदार का नाम कहीं दर्ज नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन को नुकसान पहुंचाने और मलबा डालने के आरोपों का अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल अदालत ने ठेकेदार को विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार का मलबा डालने, अतिक्रमण करने या हस्तक्षेप करने से सख्ती से रोक दिया है। इस आदेश से भूमि मालिकों को फिलहाल राहत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद