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Sirmour News: हमें सबसे पहले ओबीसी कोटा चाहिए, एसटी कोटा तो बाद की बात
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ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच ट्रांसगिरि क्षेत्र सिरमौर के पदाधिकारियों की दो टूक
नाहन में की बैठक, बोले-ओबीसी हमारी पहचान और सांविधानिक अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच ट्रांसगिरि क्षेत्र जिला सिरमौर ने एसटी कोटे से पहले दरकिनार करते हुए ओबीसी कोटे को ही अपनी पहचान और सांविधानिक अधिकार बताया है। पदाधिकारियों का दो टूक कहना है कि इस कोटे से छेड़छाड़ नहीं होने देंगे।
संगठन की आपात बैठक नाहन में हुई। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज के अधिकारों और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान युवा पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि हमें सबसे पहले ओबीसी कोटा चाहिए, एसटी कोटा तो बाद की बात है। पदाधिकारियों ने कहा कि एसटी से कोई विरोध या समस्या नहीं है, लेकिन ओबीसी हमारी पहचान और सांविधानिक अधिकार है, जिसे किसी भी स्थिति में समाप्त या कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक के बाद ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच के प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और उपायुक्त की मार्फत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भेजा।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल राम भगत राम, कर्णदीप, नेतर शर्मा, मोहन लाल, पंकज, जगदीप, नवीन शर्मा व आर भारद्वाज ने जनगणना 2026 में ओबीसी का पृथक कॉलम जोडऩे, ओबीसी वर्ग के वर्तमान सांविधानिक अधिकारों, आरक्षण एवं प्रतिनिधित्व की लिखित सुरक्षा सुनिश्चित करने, ओबीसी आरक्षण व्यवस्था का पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन करने की की पुरजोर मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने ओबीसी आयोग को और अधिक शक्तियां प्रदान करने, ओबीसी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं छात्रवृत्ति संबंधी सुविधाओं का विस्तार करने, सरकारी सेवाओं एवं संस्थानों में ओबीसी प्रतिनिधित्व की नियमित समीक्षा करने, ओबीसी समाज की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का व्यापक सर्वेक्षण करवाने की भी मांग की।
पदाधिकारियों ने गिरिपार क्षेत्र में ओबीसी समाज की विशेष चिंताओं एवं आशंकाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की भी मांग की। बैठक में भारत भूषण मोहिल, राम लाल शर्मा, बाबूराम शर्मा, जीवन सिंह, कमल शर्मा समेत दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।
नाहन में की बैठक, बोले-ओबीसी हमारी पहचान और सांविधानिक अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच ट्रांसगिरि क्षेत्र जिला सिरमौर ने एसटी कोटे से पहले दरकिनार करते हुए ओबीसी कोटे को ही अपनी पहचान और सांविधानिक अधिकार बताया है। पदाधिकारियों का दो टूक कहना है कि इस कोटे से छेड़छाड़ नहीं होने देंगे।
संगठन की आपात बैठक नाहन में हुई। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज के अधिकारों और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान युवा पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि हमें सबसे पहले ओबीसी कोटा चाहिए, एसटी कोटा तो बाद की बात है। पदाधिकारियों ने कहा कि एसटी से कोई विरोध या समस्या नहीं है, लेकिन ओबीसी हमारी पहचान और सांविधानिक अधिकार है, जिसे किसी भी स्थिति में समाप्त या कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
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बैठक के बाद ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच के प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और उपायुक्त की मार्फत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भेजा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल राम भगत राम, कर्णदीप, नेतर शर्मा, मोहन लाल, पंकज, जगदीप, नवीन शर्मा व आर भारद्वाज ने जनगणना 2026 में ओबीसी का पृथक कॉलम जोडऩे, ओबीसी वर्ग के वर्तमान सांविधानिक अधिकारों, आरक्षण एवं प्रतिनिधित्व की लिखित सुरक्षा सुनिश्चित करने, ओबीसी आरक्षण व्यवस्था का पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन करने की की पुरजोर मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने ओबीसी आयोग को और अधिक शक्तियां प्रदान करने, ओबीसी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं छात्रवृत्ति संबंधी सुविधाओं का विस्तार करने, सरकारी सेवाओं एवं संस्थानों में ओबीसी प्रतिनिधित्व की नियमित समीक्षा करने, ओबीसी समाज की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का व्यापक सर्वेक्षण करवाने की भी मांग की।
पदाधिकारियों ने गिरिपार क्षेत्र में ओबीसी समाज की विशेष चिंताओं एवं आशंकाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की भी मांग की। बैठक में भारत भूषण मोहिल, राम लाल शर्मा, बाबूराम शर्मा, जीवन सिंह, कमल शर्मा समेत दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।